Damascus में UAE एम्बेसी और राजदूत के घर पर हमला, जॉर्डन और सऊदी सहित कई देशों ने की कड़ी निंदा.
सीरिया की राजधानी दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास और मिशन प्रमुख के घर पर हमले की खबर सामने आई है। 4 अप्रैल 2026 को हुई इस घटना के बाद जॉर्डन ने आधिकारिक तौर पर इसकी निंदा की है। इस हमले के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दूतावास के परिसर में घुसने की कोशिश की और UAE के राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान किया। इस मामले में अब सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे बड़े देशों ने भी अपनी नाराजगी जताई है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरी घटना और किन देशों ने जताया विरोध?
दमिश्क के उमय्यद स्क्वायर के पास प्रदर्शनकारी जमा हुए और उन्होंने UAE दूतावास की इमारत में घुसने की कोशिश की। हालांकि सीरियाई सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान तोड़फोड़ और अपमानजनक नारेबाजी की गई। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने बताया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का बड़ा उल्लंघन है। इसके बाद खाड़ी के कई देशों ने एकजुटता दिखाते हुए बयान जारी किए हैं।
- जॉर्डन: दूतावास पर हमले और राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान की कड़ी निंदा की।
- UAE विदेश मंत्रालय: सीरिया सरकार से दोषियों को पकड़ने और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की।
- सऊदी अरब: राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को वियना कन्वेंशन के तहत जरूरी बताया।
- सीरिया का रुख: सीरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे किसी भी दूतावास पर हमले के खिलाफ हैं और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा की चिंता
दुनियाभर के राजनयिक नियमों के अनुसार, किसी भी देश के दूतावास और वहां काम करने वाले स्टाफ की सुरक्षा की जिम्मेदारी उस देश की होती है जहाँ वह स्थित है। वियना कन्वेंशन के तहत दूतावास की गरिमा को ठेस पहुँचाना गंभीर अपराध माना जाता है। अरब पार्लियामेंट और GCC ने भी इस हमले को गलत बताते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं से आपसी रिश्तों पर बुरा असर पड़ता है। अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने भी सीरिया को अपनी जिम्मेदारी निभाने की सलाह दी है।
खाड़ी में रहने वाले लोगों पर इसका क्या होगा असर?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों के लिए इन देशों के बीच अच्छे संबंध होना बहुत जरूरी है। जब भी किसी दूतावास पर हमला होता है, तो वीजा और अन्य सरकारी सेवाओं में देरी होने की संभावना बढ़ जाती है। फिलहाल UAE ने अपनी सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने को कहा है। जो लोग अक्सर इन देशों की यात्रा करते हैं या वहां काम कर रहे हैं, उनके लिए स्थिति पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि राजनयिक तनाव का सीधा असर आम जनता की सुविधाओं पर पड़ सकता है।




