ईरान ने खाड़ी देशों के तेल और गैस प्लांट पर किया बड़ा हमला, IRGC ने ली ज़िम्मेदारी, दूसरे चरण की दी चेतावनी.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार, 5 अप्रैल 2026 को खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में एनर्जी और पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हुए हमलों की ज़िम्मेदारी ली है. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके अपने बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों का जवाब है. इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और प्रवासियों के बीच भी चिंता देखी जा रही है क्योंकि इन हमलों में बिजली और पानी के प्लांट को भी नुकसान पहुँचा है.
इन देशों के मुख्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
ईरान द्वारा किए गए इन हमलों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और बहरीन के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है. इन हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
| देश | प्रभावित क्षेत्र/प्लांट | नुकसान का विवरण |
|---|---|---|
| UAE | Ruwais Industrial City | पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग और काम बंद हुआ. |
| कुवैत | Shuaiba और पावर प्लांट | दो बिजली और पानी के प्लांट क्षतिग्रस्त हुए. |
| बहरीन | Sitrah और Bapco | स्टोरेज टैंक में आग लगी, कोई घायल नहीं. |
| सऊदी अरब | SAMREF रिफाइनरी | ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट किया गया. |
| कतर | LNG फैसिलिटी | गैस सुविधाओं पर असर पड़ा. |
ईरान की चेतावनी और भविष्य की स्थिति
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि यह हमलों का केवल पहला चरण था. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे, तो दूसरा चरण और भी ज़्यादा विनाशकारी और व्यापक होगा. यह बयान खासतौर पर अमेरिका और इज़राइल के आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर दिया गया है. कुवैत के मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ड्रोन हमलों की वजह से बिजली उत्पादन की दो इकाइयों को बंद करना पड़ा है जिससे स्थानीय सेवाओं पर असर पड़ा है.
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोग सीधे तौर पर इससे प्रभावित हो रहे हैं. UAE के Ruwais और कुवैत के औद्योगिक इलाकों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार तैनात हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं और हवाई सुरक्षा प्रणालियों को और भी मज़बूत किया जा रहा है ताकि आने वाले किसी भी संभावित हमले को हवा में ही नाकाम किया जा सके.




