ईरान का दावा: अमेरिकी सेना के 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और C-130 विमान को मार गिराया, मलबे की तस्वीरें भी आई सामने.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरानी सेना ने 5 अप्रैल 2026 को यह बड़ा ऐलान किया कि उन्होंने मध्य ईरान के इस्फ़हान प्रांत के दक्षिणी हिस्से में अमेरिकी सेना के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 सैन्य परिवहन विमान को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने उन विमानों के मलबे की तस्वीरें भी जारी की हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि ये अमेरिकी विमानों के ही अवशेष हैं।
इस सैन्य कार्रवाई और रेस्क्यू मिशन के पीछे की पूरी कहानी क्या है?
ईरान की खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफघारी ने बताया कि अमेरिकी सेना एक मिशन चला रही थी जिसे उन्होंने ‘धोखा और भागने वाला ऑपरेशन’ बताया। दरअसल, 3 अप्रैल को एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट गिर गया था और अमेरिकी सेना उसके दूसरे क्रू मेंबर को बचाने की कोशिश कर रही थी। ईरान का दावा है कि उनकी सेना की समय पर मौजूदगी ने इस बचाव अभियान को पूरी तरह नाकाम कर दिया। इसके अलावा, ईरान ने पिछले पांच दिनों में इस्फ़हान के पास एक MQ-9 ड्रोन सहित कुल चार ड्रोन और एक A-10 हमलावर विमान के गिरने का भी दावा किया है।
अमेरिका और ईरान के आधिकारिक बयानों में क्या बड़ा अंतर है?
- ईरान के जनरल अली अब्दुल्लाही अलीआबादी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इसराइल ने ईरान के तेल या नागरिक ठिकानों पर हमला किया, तो वे क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे पर जवाबी हमले तेज कर देंगे।
- दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को बयान दिया कि F-15 जेट का दूसरा सदस्य पूरी तरह सुरक्षित और ठीक है, और इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक बताया।
- कुछ खुफिया सूत्रों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने तकनीकी खराबी के कारण खुद अपने दो विमानों को नष्ट कर दिया होगा ताकि वे ईरान के कब्जे में न आएं, जिसके बाद अतिरिक्त विमानों से बचाव कार्य पूरा किया गया।
- ईरान की तरफ से मलबे की तस्वीरें तो जारी हुई हैं, लेकिन अमेरिका ने अभी तक अपने विमानों को मार गिराए जाने की पुष्टि नहीं की है।




