ईरान का इसराइली जहाज़ पर बड़ा हमला, खाड़ी देशों के समुद्री रास्ते बंद, ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने शनिवार को इसराइल से जुड़े एक मालवाहक जहाज़ पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 4 अप्रैल 2026 को हुई और इसकी पुष्टि 5 अप्रैल को की गई। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर खलबली मच गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ने से रोज़मर्रा की चीज़ों की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
जहाज़ पर हमले और मौजूदा स्थिति की जानकारी
ईरानी नौसेना ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने ‘MCS Ishika’ नाम के जहाज़ को निशाना बनाया है। इस हमले से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| घटना का विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जहाज़ का नाम | MCS Ishika (इसराइल से जुड़ा) |
| हमले की तारीख | 4 और 5 अप्रैल 2026 |
| इस्तेमाल किया गया हथियार | विस्फोटक ड्रोन |
| प्रभावित क्षेत्र | यूएई तट और बहरीन का खलीफा बिन सलमान पोर्ट |
ईरान ने इस हमले को अमेरिका और इसराइल के खिलाफ अपनी कार्रवाई का 95वां हिस्सा बताया है। जहाज़ पर हमले के बाद आग लगने की खबरें हैं, लेकिन इस पर अभी तक इसराइल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
खाड़ी के रास्तों पर पाबंदी और ट्रंप की चेतावनी
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। इसका मतलब है कि खाड़ी के देशों से व्यापार करने वाले जहाजों को अब मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया है कि वह इन समुद्री रास्तों को तुरंत खोल दे। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि रास्ता न खुलने पर ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों के लिए चिंता की बात यह है कि ईरान ने फिलहाल केवल इराक को इन पाबंदियों से छूट दी है। समुद्री रास्तों के बंद होने से सामानों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा जिससे बाज़ारों में कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। ईरान की तरफ से कहा गया है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल सकता है।




