Kuwait Social Media Warning: कुवैत में सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करना पड़ेगा भारी, जेल और डिपोर्ट होने का बढ़ा खतरा
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए गृह मंत्रालय ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। साइबर अपराध विभाग ने साफ कहा है कि किसी भी संकट या सुरक्षा से जुड़े वीडियो और फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करना अब कानूनन अपराध माना जाएगा। देश में चल रही मौजूदा स्थिति और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।
कुवैत सरकार ने किन चीज़ों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से मना किया है?
- मिसाइल इंटरसेप्शन या सुरक्षा बलों की कार्रवाई का वीडियो बनाना और पोस्ट करना सख्त मना है।
- किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र या सुरक्षा ठिकानों की फोटो लेना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
- बिना पुष्टि के कोई भी ऐसी जानकारी साझा न करें जिससे जनता में डर पैदा हो।
- घटनाओं के असली वीडियो होने पर भी उन्हें सार्वजनिक करना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है।
- किसी भी जानकारी या फोटो के बदले पैसा लेना राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ माना जाएगा।
नियम तोड़ने पर प्रवासियों और नागरिकों को क्या सजा मिल सकती है?
कुवैत के कानून के अनुसार सोशल मीडिया पर गलत सामग्री पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रवासियों के लिए यह नियम और भी कड़ा है क्योंकि उन्हें कानूनी कार्रवाई के बाद कुवैत से डिपोर्ट यानी निकाला भी जा सकता है। लेफ्टिनेंट कर्नल सऊद अल-वज़ान ने बताया कि सुरक्षा कर्मी इंटरनेट पर पूरी नजर रख रहे हैं। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे केवल सरकारी आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी घटना की सूचना आपातकालीन नंबर 112 पर दें।
इन कानूनों के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
| कानून का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| कानून संख्या 63 (2015) | सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई |
| कानून संख्या 3 (2006) | प्रेस और प्रकाशन से जुड़े नियम |
| सुरक्षा निर्देश | सुरक्षा कर्मियों और मिसाइल डिफेंस की फोटो पर रोक |
| प्रवासियों के लिए रिस्क | कानूनी मुकदमा और देश से निकाला जाना |




