ईरान और अमेरिका में युद्ध जैसे हालात, ट्रंप ने दी बिजलीघर उड़ाने की धमकी, खाड़ी देशों के तेल प्लांट पर भी हमला.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 5 अप्रैल 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ तैयार हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद रखा गया, तो वह ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमला करेंगे। इस बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों के तेल बुनियादी ढांचों पर भी हमलों की खबरें आई हैं जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।
ℹ: इसराइल और अमेरिका ने ईरान के एयरपोर्ट पर किया हमला, अहवाज़ में बड़े धमाके, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी.।
ट्रंप की ‘पावर प्लांट डे’ की धमकी और ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर सोमवार तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो मंगलवार को ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। ट्रंप ने इसे ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ का नाम दिया है। इसके जवाब में ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा कि ट्रंप की ये धमकियां नागरिकों को डराने और युद्ध अपराध करने के इरादे का साफ सबूत हैं। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने इन धमकियों को बेहद लापरवाह बताया है। उनका कहना है कि इस खतरनाक खेल को खत्म करना ही एकमात्र समाधान है।
खाड़ी देशों और इसराइल पर क्या हुआ असर?
ईरान की सैन्य शाखा खातम अल-अंबिया ने दावा किया है कि उन्होंने इसराइल और खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूएई और कुवैत में ड्रोन हमलों या उनके मलबे की वजह से ऊर्जा केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। इसराइल के हाइफा शहर में भी ईरान से दागी गई एक मिसाइल के रिहायशी इमारत पर गिरने की खबर है जिसमें चार लोग घायल हुए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर नागरिक ठिकानों पर हमले हुए तो वे और भी जोरदार जवाबी कार्रवाई करेंगे।
मौजूदा स्थिति और अन्य मुख्य अपडेट
| प्रमुख घटना | विवरण |
|---|---|
| सैन्य दावा | ईरान ने इस्फहान में अमेरिकी विमानों को मार गिराने का दावा किया है। |
| परमाणु चिंता | WHO ने बुशहर परमाणु संयंत्र में हुई घटना के बाद स्वास्थ्य खतरों पर चिंता जताई है। |
| राजनयिक प्रयास | रूस और पाकिस्तान तनाव कम करने और सीजफायर वार्ता के लिए कोशिश कर रहे हैं। |
| सैटेलाइट पाबंदी | अमेरिकी सरकार के कहने पर प्लैनेट लैब्स ने ईरान की युद्ध वाली तस्वीरों पर रोक लगा दी है। |
| जहाजों की आवाजाही | ईरान ने कहा कि इराकी जहाज बिना किसी रोक-टोक के हॉर्मुज से गुजर सकते हैं। |
इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां के तेल बाज़ारों पर पड़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। पाकिस्तान ने इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने और बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश भी की है।




