China Russia West Asia: चीन और रूस ने की तुरंत युद्ध रोकने की अपील, होर्मुज की सुरक्षा पर दिया जोर
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर चीन और रूस अब खुलकर सामने आए हैं। चीनी विदेश मंत्री Wang Yi और रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov के बीच हुई फोन कॉल में इस बात पर जोर दिया गया कि वहां तुरंत युद्धविराम होना चाहिए। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिए इस संकट को हल करने की इच्छा जताई है ताकि वैश्विक सुरक्षा और शांति बनी रहे।
शांति बहाली के लिए चीन और रूस ने किन बातों पर दिया जोर
- चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन और रूस को UNSC में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
- दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के सुरक्षित सफर को सबसे जरूरी बताया।
- रूस ने कहा कि सैन्य हमलों को तुरंत रोककर राजनीतिक और राजनयिक रास्तों पर वापस आना चाहिए।
- चीन का मानना है कि इस समय युद्धविराम ही संघर्ष को खत्म करने का एकमात्र बुनियादी तरीका है।
- दोनों देशों ने बहरीन के उस प्रस्ताव पर भी चर्चा की जो जहाजों की सुरक्षा को लेकर लाया गया है।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के मुख्य कारण और ताजा हालात
इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुई थी। इन हमलों के बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री रास्तों पर बुरा असर पड़ा है। चीन और रूस का कहना है कि वे इस स्थिति को संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने का प्रयास करेंगे।
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| बातचीत की तारीख | 31 मार्च 2026 |
| रिपोर्ट जारी होने की तारीख | 5 अप्रैल 2026 |
| शामिल मुख्य नेता | Wang Yi और Sergei Lavrov |
| मुख्य चिंता | Strait of Hormuz का बंद होना और क्षेत्रीय शांति |




