ट्रंप की धमकी पर ईरान का बड़ा पलटवार, कहा- बिजली घर और पुलों को निशाना बनाना युद्ध अपराध है.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों को एक आपराधिक मानसिकता का हिस्सा बताया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप की ये धमकियां युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए उकसाने जैसी हैं। यह पूरा मामला Strait of Hormuz को फिर से खोलने के अल्टीमेटम से जुड़ा हुआ है।
ट्रंप ने ईरान को क्या धमकी दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया था जो 6 अप्रैल को खत्म हो रहा है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर Strait of Hormuz को नहीं खोला गया, तो मंगलवार को ईरान के बिजली घरों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा। ट्रंप ने इसे Power Plant Day और Bridge Day का नाम दिया है। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा है कि 6 अप्रैल को एक समझौता होने की अच्छी संभावना भी बनी हुई है।
ईरानी अधिकारियों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
- प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाना पूरी आबादी को खतरे में डालना है।
- ईरान की संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी कि ट्रंप अमेरिका को नरक में धकेल रहे हैं।
- ईरानी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र में ट्रंप के बयानों को नागरिकों को डराने वाला कृत्य बताया है।
- ईरान के संस्कृति मंत्री ने ट्रंप के बयानों को एक अस्थिर व्यक्ति की बातें कहकर खारिज कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार यह मामला क्यों गंभीर है?
अंतरराष्ट्रीय कानूनों और रोम कानून के मुताबिक, सरेआम युद्ध अपराध करने या नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को नष्ट करने की धमकी देना अपराध माना जाता है। ईरान ने आरोप लगाया है कि ट्रंप खुलेआम नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी दे रहे हैं। इसी बीच खबर आई है कि ईरान ने अमेरिका का एक F-15E जेट मार गिराया है, जिसके पायलटों को बचा लिया गया है। इन घटनाओं की वजह से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।




