UAE पर ईरान का बड़ा हमला, एयर डिफेंस ने 9 मिसाइल और 50 ड्रोन को हवा में गिराया, मलबे से प्लांट में लगी आग.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रविवार सुबह सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े हवाई हमले को नाकाम कर दिया है। 5 अप्रैल 2026 को ईरान की ओर से भेजी गई मिसाइलों और ड्रोन को यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। नेशनल इमरजेंसी एंड क्राइसिस मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने सुबह 6:33 बजे अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी थी। इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है लेकिन कुछ जगहों पर मलबे गिरने से आग लगने की घटनाएं हुई हैं।
रक्षा मंत्रालय ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। मंत्रालय के अनुसार रविवार को हुए हमले में 9 बैलिस्टिक मिसाइल, 1 क्रूज मिसाइल और 50 ड्रोन शामिल थे। देश के विभिन्न हिस्सों में जो धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं, वे दरअसल एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की वजह से थीं। अधिकारियों ने जनता को सलाह दी है कि वे जमीन पर गिरे हुए किसी भी मलबे या टुकड़ों को हाथ न लगाएं और केवल सरकारी चैनलों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करें।
क्या इस हमले में जान-माल का नुकसान हुआ है?
राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों के दौरान यूएई में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि बोरोूज (Borouge) पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग लगने की खबर आई है, जो मिसाइलों के मलबे गिरने की वजह से लगी थी। ईरान की सेना ने सरकारी समाचार एजेंसी के जरिए बयान दिया कि उनका लक्ष्य यूएई के एल्युमीनियम उद्योग और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे। खाड़ी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार अपडेट जारी कर रही हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
28 फरवरी से अब तक हुए हमलों का विवरण
| विवरण | कुल संख्या / आंकड़े |
|---|---|
| कुल इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइलें | 507 |
| कुल इंटरसेप्ट की गई क्रूज मिसाइलें | 24 |
| हवा में गिराए गए कुल ड्रोन | 2,191 |
| शहीद सैन्य कर्मी | 2 |
| मृतक विदेशी नागरिक (मोरक्को) | 1 |
| कुल नागरिक मौतें | 10 |
| कुल घायल व्यक्ति | 217 |
सऊदी अरब ने भी उसी दिन एक क्रूज मिसाइल को गिराने की बात कही है और ईरान की इन हरकतों की कड़े शब्दों में निंदा की है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय कानूनों और सुरक्षा अलर्ट का पालन करें क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सरकारें काफी सख्त कदम उठा रही हैं।




