तेहरान पर अमेरिका और इसराइल का बड़ा हमला, 6 बच्चों की हुई मौत, ट्रंप ने दी ईरान को खुली चेतावनी
तेहरान प्रांत में सोमवार रात को अमेरिका और इसराइल की तरफ से किए गए हमलों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में 10 साल से कम उम्र के छह बच्चों की जान चली गई है जिनमें चार लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं. इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है और कई देशों ने इस पर चिंता जताई है. ईरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है और सख्त कार्रवाई की बात कही है.
हमले में कहां-कहां हुआ है नुकसान और क्या है आधिकारिक बयान?
ईरानी मीडिया और आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि इन हमलों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं बल्कि रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया है. शरीफ यूनिवर्सिटी और एक गैस प्लांट के पास भी बमबारी की खबर है. हमले के बाद की स्थिति को लेकर कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- तेहरान के आवासीय इलाकों में हमले से 4 लोगों की मौत और 7 लोग घायल हुए हैं.
- इस्लामशहर में हवाई हमले के दौरान कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की खबर मिली है.
- इसराइली सेना (IDF) ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने तेहरान में शासन से जुड़े ठिकानों पर हमलों का दौर पूरा कर लिया है.
- ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा रिहायशी इलाकों पर हमले हुए तो वे बहुत बड़ा पलटवार करेंगे.
- ओमान, पाकिस्तान और मिस्र जैसे देश इस समय दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहे हैं.
ट्रंप की चेतावनी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्या है विवाद?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाया है और ईरान को मंगलवार शाम तक का अल्टीमेटम दिया है. ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला गया तो ईरान के ऊर्जा केंद्रों, बिजली घरों और पुलों पर बड़े हमले किए जाएंगे. उनका कहना है कि ईरान को इस रास्ते को खुला रखना होगा वरना उसे भारी अंजाम भुगतना पड़ेगा.
दूसरी तरफ ईरान के अधिकारियों का कहना है कि यह रास्ता तब तक बंद रहेगा जब तक ईरान को युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिल जाता. ईरान के संस्कृति मंत्री ने ट्रंप के बयानों को गंभीरता से न लेने की बात कही है और कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए तैयार हैं. इस तनाव के बीच कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने की जानकारी दी है जिससे पूरे गल्फ क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है.




