Strait of Hormuz को लेकर Iraq के संगठन की बड़ी धमकी, तेल और गैस प्लांट तबाह करने की चेतावनी से बढ़ी टेंशन.
खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर से बहुत गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। इराक के सशस्त्र समूह Kataib Hezbollah ने सीधी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर Strait of Hormuz को जबरदस्ती खोलने की कोई भी कोशिश की गई, तो वे तेल और गैस की सभी सुविधाओं को पूरी तरह से तबाह कर देंगे। इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों और खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है क्योंकि यह समुद्री रास्ता दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
क्यों दी गई है तेल प्लांट उड़ाने की यह धमकी?
ईरान समर्थित ग्रुप Kataib Hezbollah के सचिव जनरल Abu Hussein al-Hamidawi ने रविवार को जारी एक बयान में साफ किया कि Strait of Hormuz अब ‘दुश्मनों’ के लिए नहीं खोला जाएगा। उन्होंने ‘सबके लिए सुरक्षा या किसी के लिए नहीं’ का नारा देते हुए कहा कि बल प्रयोग करने पर ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच ईरानी नौसेना ने भी दावा किया है कि इस समुद्री रास्ते में अब ऐसे बदलाव हो चुके हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता, खासकर अमेरिका और इसराइल जैसे देशों के लिए स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी।
अमेरिका और अन्य देशों का इस पर क्या रुख है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर Strait of Hormuz को पूरी तरह नहीं खोला गया तो वह ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर कड़े हमले करेंगे। अमेरिका ने 7 अप्रैल 2026 तक की समयसीमा तय की है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देश भी अपनी सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र ने भी इस मामले में मानवीय जरूरतों और व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है।
हालिया घटनाक्रम और महत्वपूर्ण जानकारियां
इस पूरे विवाद से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु और तारीखें नीचे दी गई तालिका में समझी जा सकती हैं:
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 5 अप्रैल 2026 | Kataib Hezbollah ने तेल और गैस सुविधाओं को तबाह करने की चेतावनी दी। |
| 5 अप्रैल 2026 | ईरान के सुप्रीम लीडर ने समुद्री जहाजों को डराना जारी रखने की बात कही। |
| 7 अप्रैल 2026 | Donald Trump द्वारा हमलों को रोकने के लिए दी गई आखिरी समयसीमा। |
| 31 मार्च 2026 | बगदाद में अमेरिकी पत्रकार Shelly Kittleson का अपहरण हुआ। |
| 30 मार्च 2026 | ईरान की संसद ने समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से भुगतान मांगने का बिल पास किया। |
Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ सकता है। अगर तेल और गैस की सप्लाई बाधित होती है, तो दैनिक उपयोग की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं और रोजगार के बाजारों पर भी दबाव आ सकता है। फिलहाल 36 देशों ने ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद करने की कोशिशों की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।




