West Asia Tension: ईरान ने भारत को बताया सच्चा दोस्त, कहा शांति के लिए नई दिल्ली निभा सकता है सबसे बड़ा रोल.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत की भूमिका को लेकर ईरान की तरफ से बड़ा बयान आया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने नई दिल्ली द्वारा बातचीत और संयम बरतने की अपील का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भारत इस तनाव को कम करने में एक बहुत प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है। राजदूत ने सोमवार 6 अप्रैल 2026 को दिए अपने बयान में भारत के संतुलित और निष्पक्ष रुख की जमकर सराहना की है।
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राजदूत फताली ने भारत और व्यापार को लेकर क्या कहा?
ईरानी राजदूत ने एएनआई के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि ईरान कभी युद्ध की शुरुआत नहीं करता है। उन्होंने भारत को एक सच्चा मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग जारी रहना चाहिए। विशेष रूप से चाबहार बंदरगाह जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम रुकना नहीं चाहिए। ईरान का मानना है कि किसी भी देश के एकतरफा प्रतिबंधों का असर इन विकास कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स देशों से भी अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने के लिए आगे आएं।
भारतीय जहाजों की सुरक्षा और मुख्य बिंदु
ईरान ने समुद्री रास्तों को लेकर भारतीय हितों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। राजदूत ने बताया कि क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारतीय जहाजों की आवाजाही को लेकर खास ध्यान रखा जा रहा है। बातचीत के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की गई हैं:
- Strait of Hormuz केवल उन देशों के लिए बंद है जो सीधे तौर पर ईरान के साथ युद्ध में शामिल हैं।
- भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं।
- ईरान ने मौजूदा स्थिति को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया है।
- भारत की शांति अपील को ईरान ने एक जिम्मेदार देश का रुख करार दिया है।
- चाबहार पोर्ट जैसे क्षेत्रीय प्रोजेक्ट्स को बाहरी दबाव से मुक्त रखने की बात कही गई है।
राजदूत ने यह भी कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन वह शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना की और उम्मीद जताई कि भारत जैसे देश तनाव कम करने में मदद करेंगे। पश्चिम एशिया में यह संघर्ष अब अपने दूसरे महीने में पहुंच गया है और पूरी दुनिया की नजरें भारत जैसे देशों की मध्यस्थता पर टिकी हैं।




