कतर के प्रधानमंत्री और स्पेन के बीच हुई बड़ी बातचीत, मिडिल ईस्ट में शांति के लिए उठाया कदम, ईरान के हमलों पर जताई चिंता
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस के साथ फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की है। इस बातचीत में मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव को कम करने और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों को सुलझाने पर गहराई से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है और इसे बिगड़ने से रोकने की बात कही है।
बातचीत के दौरान किन मुख्य बातों पर हुई चर्चा?
5 अप्रैल 2026 को हुई इस बातचीत में कतर के प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष को केवल शांतिपूर्ण माध्यमों से ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। स्पेन के विदेश मंत्री ने भी इस बात का समर्थन किया और कहा कि मध्य पूर्व में सुरक्षा को और खराब होने से बचाने के लिए तुरंत कदम उठाना जरूरी है। दोनों देशों ने माना कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
स्पेन और कतर का आधिकारिक रुख क्या है?
स्पेन की सरकार और वहां के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने पहले भी स्पष्ट किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करेंगे। स्पेन ने यह भी साफ किया है कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बिना अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देंगे। कतर ने भी अपनी संप्रभुता के उल्लंघन और हमलों की निंदा की है।
- शांति की अपील: कतर के प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्ण तरीके से विवाद सुलझाने की बात कही।
- तनाव कम करना: क्षेत्र में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए तुरंत डी-एस्केलेशन पर जोर दिया गया।
- स्पेन का स्टैंड: स्पेन अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा।
- सुरक्षा चिंता: दोनों नेताओं ने ईरानी हमलों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की मांग की।




