ईरान ने अमेरिका का 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव ठुकराया, अपनी मांगों के साथ युद्ध खत्म करने की रखी शर्त
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि ईरान ने शांति के लिए अपनी शर्तें तय कर ली हैं और इन्हें मध्यस्थों के जरिए आगे बढ़ा दिया गया है। फिलहाल ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव को मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया है और इसे तर्कहीन बताया है।
ईरान ने क्यों ठुकराया अमेरिका का शांति प्रस्ताव?
ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका की ओर से दिया गया 15 सूत्रीय प्लान बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी और असामान्य था। प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत और धमकियां एक साथ नहीं चल सकतीं। ईरान ने अपना एक नया ढांचा तैयार किया है जो उसके राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा पर आधारित है। इसे उचित समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल ईरान का पूरा ध्यान अपनी सुरक्षा और रक्षा तंत्र को मजबूत करने पर है।
तनाव के बीच इन देशों की भूमिका और ट्रंप की चेतावनी
इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए पाकिस्तान, Turkey, Egypt और China जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। ईरान ने इन्हीं देशों के जरिए अपनी मांगों का ड्राफ्ट अमेरिका तक पहुंचाया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz को नहीं खोला गया तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले तेज किए जा सकते हैं। ईरान ने इन धमकियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध करार दिया है।
युद्ध और शांति वार्ता के मुख्य बिंदु
| विषय | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| अमेरिका का 15 सूत्रीय प्लान | ईरान ने पूरी तरह खारिज किया |
| ईरान की मांग | राष्ट्रीय हितों पर आधारित नया फ्रेमवर्क तैयार |
| मध्यस्थ देश | Pakistan, Turkey, Egypt, China |
| ट्रंप की धमकी | पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की बात |
| ईरान का कानूनी पक्ष | धमकियों को अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराध बताया |




