Iran US Tension: ईरान ने अमेरिका को दी बड़ी चेतावनी, बुनियादी ढांचे पर हमले को बताया युद्ध अपराध, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव.
ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की उन धमकियों को युद्ध अपराध करार दिया है जिसमें उसके बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा है कि बिजली घर और पुल जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी देना ही अपने आप में एक बड़ा अपराध है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव ने वहां रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से लाखों भारतीयों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या चेतावनी दी?
ईरान के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने 6 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर बयान दिया है कि ऊर्जा क्षेत्र और नागरिक ठिकानों पर हमला पूरी जनता के लिए खतरा पैदा करता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान के ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे भी अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर वैसा ही पलटवार करेंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi के अनुसार अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों और Rome Statute का उल्लंघन है। अमेरिका में भी 100 से ज्यादा विशेषज्ञों ने एक पत्र लिखकर अपनी सरकार को आगाह किया है कि इस तरह के हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आएंगे।
क्षेत्र में हुए हालिया हमलों का क्या है हाल?
पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों के कई हिस्सों में सुरक्षा संबंधी बड़ी घटनाएं दर्ज की गई हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी समझौते के प्रस्ताव को फिलहाल खारिज कर दिया है और वह अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। इस बीच UAE, Kuwait और Bahrain के कुछ इलाकों से भी तनाव की खबरें आ रही हैं। क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और हालिया घटनाओं का विवरण इस प्रकार है:
| प्रभावित क्षेत्र | घटना का मुख्य विवरण | तारीख |
|---|---|---|
| Kuwait, Bahrain, UAE | पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले की जानकारी मिली | 6 अप्रैल 2026 |
| Jebel Ali Port (Dubai) | इजरायल से जुड़े एक जहाज को निशाना बनाया गया | 6 अप्रैल 2026 |
| Haifa (Israel) | मिसाइल हमला हुआ जिससे नुकसान की खबर है | 6 अप्रैल 2026 |
| Beirut (Lebanon) | मिसाइल हमले में कुछ लोगों के हताहत होने की खबर है | 6 अप्रैल 2026 |
UAE के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइल और ड्रोन खतरों को सफलतापूर्वक हवा में ही रोक दिया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों को स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की जरूरत है क्योंकि माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है। ईरान के इस कड़े रुख के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं।




