Gulf में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सबसे ऊपर, भारत सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर.
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने खाड़ी देशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी Aseem R Mahajan ने एक ब्रीफिंग में जानकारी दी है कि सरकार वहां की बदलती स्थिति पर लगातार बारीकी से नज़र रखे हुए है। अब तक लाखों लोग भारत वापस लौट चुके हैं और जो लोग वहां काम कर रहे हैं, उनके लिए भारतीय दूतावास 24 घंटे खुले हैं और लगातार सहायता पहुंचा रहे हैं।
खाड़ी देशों के हालात और भारतीयों के लिए जरूरी आंकड़े
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक के हालात और सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां इस प्रकार हैं, जिन्हें हर प्रवासी को जानना जरूरी है:
| विवरण | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| वापस आने वाले यात्री | 6.24 लाख से ज़्यादा लोग भारत लौटे |
| मृत्यु की खबर | अब तक 8 भारतीय नागरिकों की जान गई |
| कंट्रोल रूम सेवा | दिल्ली और खाड़ी देशों में 24/7 हेल्पलाइन चालू |
| यात्रा सलाह | गैर-जरूरी यात्रा को फिलहाल टालने की सलाह |
कुवैत और रियाद में हुई दुखद घटनाओं में भारतीय नागरिकों की जान गई है, जिसके लिए विदेश मंत्रालय स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर पार्थिव शरीरों को वापस लाने की प्रक्रिया में जुटा है। इसके अलावा UAE में ड्रोन मलबे से घायल हुए भारतीयों को भी दूतावास हर संभव मदद दे रहा है।
सुरक्षित वापसी और सरकार द्वारा उठाए गए बड़े कदम
भारत सरकार ने प्रभावित देशों से अपने नागरिकों को निकालने के लिए मल्टी-मोडल रास्ते तैयार किए हैं ताकि कोई फंसे नहीं:
- ईरान, इजरायल, इराक और कुवैत जैसे देशों से लोगों को निकालने के लिए चार्टर फ्लाइट्स और जमीन के रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- UAE, सऊदी अरब और ओमान से सीमित संख्या में नॉन-शेड्यूल कमर्शियल उड़ानें अभी भी चल रही हैं।
- CBSE और अन्य बोर्ड परीक्षाओं को लेकर खाड़ी देशों में रहने वाले छात्रों और माता-पिता के लिए विशेष आउटरीच प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं।
- समुद्री जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए मिशन लगातार कंपनियों और क्रू मेंबर्स के संपर्क में हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के साथ चर्चा की है ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनी रहे।
भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।




