Israel का ईरान पर बड़ा हमला, सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट को किया तबाह, 85% एक्सपोर्ट हुआ बंद
मध्य पूर्व में तनाव बहुत ज़्यादा बढ़ गया है. इसराइल ने ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर जोरदार हमला किया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लगा है. इस हमले की वजह से ईरान के कई बड़े प्लांट में बिजली पूरी तरह गुल हो गई है और काम रुक गया है. जानकारी के मुताबिक, इस हमले के बाद ईरान का पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट लगभग ठप हो गया है, जिससे वहां की सरकार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
ईरान के किन प्लांट पर हुआ हमला और कितना हुआ नुकसान?
इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने खुद इस हमले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि South Pars पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया गया है, जो ईरान के कुल उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा संभालता है. हमले की वजह से ईरान की दो ऐसी फैसिलिटी पूरी तरह बंद हो गई हैं, जो देश के 85 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट के लिए जिम्मेदार थीं. इसके अलावा Mobin और Damavand जैसी कंपनियों पर भी हमला हुआ है, जो पूरे इलाके में बिजली और पानी सप्लाई करती थीं. अब जब तक ये कंपनियां दोबारा चालू नहीं होती, तब तक पूरे Asaluyeh इलाके में बिजली कटी रहेगी.
क्षेत्र के अन्य देशों और सुरक्षा पर क्या पड़ा असर?
- ईरान के Khuzestan प्रांत में स्थित Mahshahr पेट्रोकेमिकल जोन में भी धमाके की खबरें मिली हैं.
- UAE के Ruwais में स्थित Borouge कॉम्प्लेक्स में भी आग लगने की वजह से काम रोकना पड़ा है.
- Kuwait ने भी अपने तेल सेक्टर और बिजली घरों पर ड्रोन हमले और नुकसान की सूचना दी है.
- IAEA और WHO ने ईरान के परमाणु केंद्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है क्योंकि मिसाइलें परमाणु बिजली घर के करीब गिरी हैं.
- ईरान की मिलिट्री ने चेतावनी दी है कि अगर नागरिकों को नुकसान पहुंचा तो वे और भी खतरनाक पलटवार करेंगे.
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह तनाव चिंता का विषय है. तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से आने वाले समय में महंगाई बढ़ सकती है. अगर युद्ध जैसा माहौल बनता है, तो खाड़ी देशों से भारत जाने वाली फ्लाइट्स के किराए में बढ़ोतरी देखी जा सकती है. सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि ईरान की ओर से होने वाले किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके. प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय खबरों और दूतावास के अपडेट्स पर नजर रखें.




