दमिश्क में UAE दूतावास पर हमला, सीरियाई बिजनेस काउंसिल ने की कड़ी निंदा, ईरान से जुड़े गुट पर लगा आरोप
दमिश्क में स्थित संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास पर हाल ही में हुई तोड़फोड़ और हमले की घटना के बाद माहौल गर्माया हुआ है। दुबई और उत्तरी अमीरात की सीरियाई बिजनेस काउंसिल ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। काउंसिल ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों और संधियों का खुला उल्लंघन बताया है। रिपोर्ट के अनुसार इस हमले को एक छोटे गुट ने अंजाम दिया जिसका संबंध बाहरी तत्वों से बताया जा रहा है।
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दूतावास पर हमला करने वाले कौन थे और काउंसिल ने क्या कहा?
सीरियाई बिजनेस काउंसिल ने अपने आधिकारिक बयान में साफ किया है कि तोड़फोड़ करने वाले लोग ईरान शासन से जुड़े बाहरी अपराधी थे। काउंसिल के मुताबिक इनमें से ज्यादातर लोग सीरियाई नागरिक नहीं थे। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और मानद समिति ने इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी देश के राजनयिक मिशन की सुरक्षा करना अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है और इस तरह की हिंसक हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं। यह घटना 6 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट की गई थी जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस हमले के बाद अब आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
- Syrian Business Council ने सीरियाई सरकार के संबंधित अधिकारियों से इस मामले की तुरंत जांच करने की अपील की है।
- काउंसिल ने मांग की है कि दूतावास को निशाना बनाने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की बात कही गई है।
- काउंसिल ने साफ किया है कि ऐसे हमलों से देशों के बीच के आपसी संबंधों और शांति पर बुरा असर पड़ता है।
दूतावास पर हुए इस हमले के बाद से ही क्षेत्र में राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बिजनेस काउंसिल ने दोहराया है कि वे इस तरह की किसी भी अराजकता और हिंसा का विरोध करते हैं जो शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करती है।




