Iraq के Rumaila तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमला, उत्पादन हुआ ठप, अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों को बनाया निशाना.
इराक के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में से एक, Rumaila तेल क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमलों ने तेल उत्पादन की व्यवस्था को बिगाड़ दिया है. 6 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले के कारण इराक के तेल उत्पादन और संचालन में बड़ी रुकावट आई है. Basra Oil Company (BOC) के मैनेजर ने पुष्टि की है कि इन ड्रोन हमलों ने उन साइटों को निशाना बनाया है जिनका उपयोग अमेरिकी तेल सेवा कंपनियां कर रही थीं. इस घटना के बाद से वैश्विक तेल बाजार और सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
हमले में किन कंपनियों को निशाना बनाया गया और क्या नुकसान हुआ?
6 अप्रैल को हुए हमले में Rumaila क्षेत्र में काम कर रही अमेरिकी दिग्गज कंपनियां Schlumberger और Baker Hughes के ठिकानों को निशाना बनाया गया. इससे पहले 4 अप्रैल को भी दो ड्रोन ने BP द्वारा संचालित नॉर्थ रुमैला क्षेत्र पर हमला किया था जिसमें तीन इराकी कर्मचारी घायल हुए थे. लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से कई विदेशी कर्मचारियों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है. इन हमलों ने सीधे तौर पर उन उपकरणों और स्टोरेज सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है जो तेल निकालने के काम में आते हैं.
इराक के तेल उत्पादन और निर्यात पर क्या असर पड़ा है?
इराक के बसरा प्रांत में तेल का उत्पादन काफी हद तक प्रभावित हुआ है और कई क्षेत्रों में काम रोक दिया गया है. Basra Oil Company के प्रमुख बासिम अब्दुल करीम के अनुसार, निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया है और अब तेल भेजने के लिए दूसरे रास्तों पर विचार किया जा रहा है. भारत के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इराक भारत को तेल सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है और वहां उत्पादन प्रभावित होने से भविष्य में कीमतों पर असर पड़ सकता है.
| तारीख | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| 6 अप्रैल 2026 | Rumaila में अमेरिकी तेल सेवा कंपनियों पर ड्रोन अटैक हुआ |
| 4 अप्रैल 2026 | North Rumaila में BP के प्लांट पर हमला, 3 वर्कर घायल |
| 2 अप्रैल 2026 | Zubair और Majnoon जैसे बड़े तेल क्षेत्रों में उत्पादन बंद हुआ |
| 3 मार्च 2026 | अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते Rumaila में पहली बार काम रुका |
इराक के तेल मंत्रालय ने बताया है कि पारंपरिक रास्तों में आ रही दिक्कतों को देखते हुए अब सीरिया के रास्ते टैंकर्स के जरिए तेल निर्यात करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि 5 अप्रैल को इराक की संस्था SOMO ने कहा था कि उनके लोडिंग टर्मिनल तैयार हैं, लेकिन 6 अप्रैल के हमले ने फिर से संकट खड़ा कर दिया है. इन घटनाओं पर दुनिया भर के ऊर्जा विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है.




