Saudi Arabia New Rules: सऊदी अरब में ड्रोन या मिसाइल हमले की फोटो खींचना पड़ेगा भारी, पुलिस लेगी सख्त एक्शन
सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग (Civil Defense) ने देश में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति ड्रोन या मिसाइलों को मार गिराने की कार्रवाई का वीडियो बनाता है या फोटो खींचता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह नियम सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए बनाया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी सूचनाओं को सोशल मीडिया पर फैलाना कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
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सऊदी अरब में सुरक्षा और फोटो शेयरिंग को लेकर क्या है नियम?
सऊदी सिविल डिफेंस और गृह मंत्रालय ने पहले भी इस तरह के निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की फोटो लेना, उन्हें पब्लिश करना या उनके गिरने वाली जगहों की लोकेशन के बारे में जानकारी देना पूरी तरह मना है। सरकार का मानना है कि इन जानकारियों के लीक होने से देश की सुरक्षा और सैन्य अभियानों पर बुरा असर पड़ सकता है। 6 अप्रैल 2026 को जारी इस ताज़ा अपडेट में प्रवासियों को खास तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि नियमों की अनदेखी पर उन्हें जवाबदेही का सामना करना होगा।
आम नागरिक और प्रवासी इन बातों का रखें खास ध्यान
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध हवाई गतिविधि को मोबाइल में रिकॉर्ड न करें। इसके बजाय सरकार ने सुरक्षा में सहयोग देने के लिए अलग तरीके बताए हैं। मंत्रालय ने जानकारी दी है कि किसी भी संदिग्ध चीज़ की सूचना देने के लिए आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
- सोशल मीडिया पर ड्रोन या मिसाइल गिरने की लोकेशन साझा न करें।
- अगर कोई संदिग्ध चीज़ दिखाई दे, तो ‘Tawakkalna’ ऐप के ज़रिए उसकी रिपोर्ट करें।
- रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
- 6 अप्रैल को ही दो ड्रोन मार गिराए गए हैं, इसलिए ऐसी घटनाओं के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें।
यह नियम प्रवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सऊदी अरब में सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या कानूनी मुसीबत हो सकती है। सरकार का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और खुफिया जानकारी को दुश्मन तक पहुँचने से रोकना है।




