ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात, ट्रम्प की धमकी पर ईरान का बड़ा बयान, खाड़ी देशों में भी हुआ हमला
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर आ गया है। ईरान की सेना (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने राष्ट्रपति ट्रम्प की धमकियों को बेअसर बताया है और कहा है कि उनके हमले जारी रहेंगे। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने व्यापारिक रास्ता नहीं खोला तो उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासी भारतीयों पर भी पड़ता दिख रहा है।
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ट्रम्प की धमकी और ईरान की सैन्य कार्रवाई
ईरान की सेना ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका और इसराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन नहीं रोकेगी। जोल्फघारी के अनुसार, अमेरिकी धमकियां उनकी घबराहट और हताशा को बताती हैं। ईरान ने हाल ही में कई बड़े दावे किए हैं और अपनी रणनीति साझा की है जो इस प्रकार है:
- ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक रेस्क्यू ऑपरेशन को नाकाम कर दिया है।
- ट्रम्प ने 7 अप्रैल तक का समय दिया है जिसे वे पावर प्लांट डे और ब्रिज डे कह रहे हैं।
- ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्री शांति प्रस्ताव को ठुकरा कर स्थायी युद्धविराम की मांग की है।
- ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने ट्रम्प की धमकियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध बताया है।
खाड़ी देशों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विवरण
इस युद्ध की आंच अब खाड़ी के अन्य देशों तक भी पहुँच गई है। ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और UAE में मौजूद अमेरिकी और इसराइली संपत्तियों को निशाना बनाया है। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा स्थिति का विवरण दिया गया है जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों को सुरक्षा स्थिति का अंदाजा हो सके:
| स्थान या टारगेट | हमले और नुकसान का विवरण |
|---|---|
| Kuwait (Bubiyan Island) | सैटेलाइट उपकरण और हथियारों के भंडार पर हमला हुआ |
| Israel (Haifa) | मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत और रिहायशी इमारत को नुकसान पहुँचा |
| Iran (South Pars) | इसराइल ने पेट्रोकेमिकल प्लांट को भारी नुकसान पहुँचाया है |
| Tehran | हवाई हमलों में 25 लोगों की मौत और यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया गया |
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए चिंता की बात यह है कि ऊर्जा केंद्रों और मिलिट्री ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिनों के युद्धविराम पर चर्चा की खबरें भी आ रही हैं लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे फिलहाल अपर्याप्त बताया है। ईरान ने साफ़ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब पहले जैसी नहीं होगी और उनका नियंत्रण वहां बना रहेगा।




