Iran US War Update: ईरान और अमेरिका की जंग रोकने के लिए पाकिस्तान का नया प्लान, राजदूत ने कहा अब निर्णायक मोड़ पर बातचीत.
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता अब एक बहुत ही खास मोड़ पर आ गई है. पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोघदाम ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि शांति बहाल करने की कोशिशें अब संवेदनशील और नाजुक चरण में हैं. पाकिस्तान इस समय दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है ताकि खाड़ी क्षेत्र में छिड़ी इस जंग को रोका जा सके और स्थिति को बिगड़ने से बचाया जा सके.
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शांति के लिए क्या है पाकिस्तान का नया ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ प्रस्ताव?
पाकिस्तान ने इस संकट को सुलझाने के लिए एक दो-चरणीय योजना पेश की है जिसे ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ का नाम दिया गया है. इस योजना के तहत कुछ मुख्य बिंदुओं पर ज़ोर दिया गया है:
- युद्ध को तुरंत रोककर एक स्थायी सीजफायर लागू करना.
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए दोबारा खोलना.
- सीजफायर के 15 से 20 दिनों के भीतर इस्लामाबाद में बैठकर सीधी बातचीत शुरू करना.
- ईरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है लेकिन उसे भविष्य के लिए ठोस गारंटी चाहिए.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने साफ किया है कि तेहरान बातचीत से कभी पीछे नहीं हटा है, लेकिन वे किसी भी ऐसे अस्थायी समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे जिससे उनके दुश्मनों को फिर से संगठित होने का मौका मिले.
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव की क्या है स्थिति?
इस समय हालात काफी गंभीर बने हुए हैं क्योंकि इसराइली हमलों ने ईरान के परमाणु ठिकानों और स्टील प्लांट्स को निशाना बनाया है. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार कड़ी चेतावनियाँ और अल्टीमेटम दिए जा रहे हैं. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी अहम है क्योंकि समुद्री रास्तों के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है. पाकिस्तान के अलावा मिस्र और तुर्की भी इस मामले में संदेश पहुँचाने का काम कर रहे हैं ताकि इस युद्ध को बड़े क्षेत्रीय संकट में बदलने से रोका जा सके.




