लेबनान के पीएम ने इजराइल को दी चेतावनी, कहा अपनी सेना तुरंत वापस बुलाओ, बफर ज़ोन हमें मंज़ूर नहीं.
लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इजराइल को कड़ा संदेश देते हुए सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इजराइल को लेबनानी क्षेत्र से पूरी तरह वापस लौटना होगा। स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान सलाम ने जोर देकर कहा कि लेबनान की जमीन पर बफर ज़ोन या सुरक्षा बेल्ट के नाम पर किसी भी तरह की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब लेबनान अपनी क्षेत्रीय अखंडता को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा रहा है।
स्पेन का समर्थन और मानवीय सहायता का ऐलान
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने लेबनान की संप्रभुता और उनकी क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपना पूरा समर्थन जताया है। इस महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान सांचेज़ ने कुछ मुख्य घोषणाएं भी की हैं:
- स्पेन सरकार ने लेबनानी जनता के लिए 9 मिलियन यूरो की अतिरिक्त मानवीय सहायता देने का वादा किया है।
- संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNIFIL) पर हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा की गई है।
- इन हमलों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की गई है ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके।
- शांति सैनिकों पर जानबूझकर किया गया हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन माना गया है।
UNIFIL पर हमले और सुरक्षा की वर्तमान स्थिति
दक्षिणी लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (UNIFIL) को पिछले कुछ दिनों में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। 30 मार्च और 1 अप्रैल 2026 के दौरान हुए हमलों में कई शांति सैनिकों की जान गई है। संयुक्त राष्ट्र इन घटनाओं को युद्ध अपराध के बराबर मान रहा है क्योंकि यह सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सीधा उल्लंघन है। लेबनान सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि देश में युद्ध और शांति से जुड़े सभी निर्णय केवल सरकार के हाथों में होने चाहिए।
क्षेत्रीय तनाव और विस्थापन का संकट
लेबनानी प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी है कि इजराइल की सैन्य कार्रवाई से लेबनान के एक बड़े हिस्से पर कब्जा होने का खतरा है। इस सैन्य अभियान की वजह से अब तक 10 लाख से ज्यादा लेबनानी लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। मार्च 2026 में लेबनानी मंत्रिमंडल ने Hezbollah की सैन्य गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया था और उनके हथियार सौंपने की मांग की थी। फिलहाल अमेरिका भी दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने की कोशिश कर रहा है ताकि इजराइली सेना पूरी तरह वापस लौट सके।




