ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला, तेहरान के दो बड़े मिसाइल सेंटर हुए तबाह, अमेरिका और इसराइल ने की बमबारी.
ईरान के तेहरान में मौजूद महत्वपूर्ण मिलिट्री बेस Khojir और Parchin पर आज फिर से जोरदार बमबारी हुई है. अमेरिका और इसराइल की सेना लगातार ईरान के उन ठिकानों को निशाना बना रही है जहाँ से खतरनाक मिसाइलें बनाई जाती हैं. इस हमले से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और इसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है. अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के मिसाइल बनाने के मुख्य सेंटर लगभग पूरी तरह काम करना बंद कर चुके हैं क्योंकि उनकी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है.
इन हमलों में अब तक क्या-क्या नुकसान हुआ है?
ईरान के Khojir सैन्य परिसर में रिसर्च और मिसाइल बनाने का बड़ा काम होता था जहाँ कम से कम 88 इमारतें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं. इसके अलावा Parchin इलाके में भी 12 से ज्यादा इमारतों को निशाना बनाया गया है जहाँ से बैलिस्टिक मिसाइलें तैयार की जाती थीं. विशेषज्ञों का कहना है कि इन हमलों की वजह से अब ईरान के लिए छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलें बनाना फिलहाल मुमकिन नहीं रह गया है. इन ठिकानों को दोबारा खड़ा करने में अब ईरान को सालों का समय लग सकता है जिससे उसकी सैन्य ताकत पर बड़ा असर पड़ा है.
हमलों से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां और तारीखें
| तारीख | घटनाक्रम और मुख्य जानकारी |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका और इसराइल के साझा हवाई अभियान की शुरुआत हुई. |
| 24 मार्च 2026 | Khojir परिसर की 88 इमारतों के नष्ट होने की पुष्टि हुई. |
| 29 मार्च 2026 | रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान की मिसाइल क्षमता को भारी चोट लगी है. |
| 7 अप्रैल 2026 | आज फिर Khojir और Parchin के सैन्य ठिकानों पर बमबारी की खबर आई. |
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इस पूरे अभियान के दौरान अब तक ईरान में 11,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है. सेना का मुख्य मकसद ईरान की उन जगहों को पूरी तरह खत्म करना है जहाँ से मिसाइलें और ड्रोन जैसे हथियार तैयार किए जाते हैं. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है क्योंकि इस तनाव का असर भविष्य में उड़ानों और तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है.




