ईरान ने इसराइल पर दागी बैलिस्टिक मिसाइलें, सेंट्रल इसराइल में हुआ नुकसान, सऊदी ने भी गिराईं 7 मिसाइलें.
7 अप्रैल 2026 को ईरान और इसराइल के बीच जारी तनाव ने गंभीर रूप ले लिया है। ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों ने सेंट्रल इसराइल के कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया है। इस हमले में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है, जिससे रिहायशी इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। इस बीच सऊदी अरब ने भी अपनी सीमा की ओर आ रही मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है।
हमले से जुड़ी मुख्य बातें और नुकसान का विवरण
ईरान द्वारा किए गए इस मिसाइल हमले ने इसराइल के कई प्रमुख शहरों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के कारण सेंट्रल इसराइल के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
- मिसाइल हमला: ईरान ने सेंट्रल इसराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें क्लस्टर वॉरहेड लगे होने की पुष्टि IDF ने की है।
- प्रभावित इलाके: रामत गन, बेनी ब्रैक, गिवतायिम और पेटाह टिकवा जैसे क्षेत्रों में मिसाइलों के गिरने की खबर है।
- जानी नुकसान: हाइफा में एक इमारत पर मिसाइल का टुकड़ा गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई है।
- सऊदी अरब में कार्रवाई: सऊदी सेना ने ईरान की ओर से दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया, जिनका मलबा ऊर्जा केंद्रों के पास गिरा।
- इसराइल का पलटवार: इसराइली वायुसेना ने तेहरान के पास ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह तबाह करने का दावा किया है।
- सीजफायर से इनकार: ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 45 दिनों के युद्धविराम समझौते को मानने से साफ इनकार कर दिया है।
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और ताजा हालात
इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते इस टकराव का असर अब पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है। इसराइली सेना ने ईरान के नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है कि वे रात 9 बजे तक रेल यात्रा से बचें, क्योंकि यह उनकी जान के लिए खतरनाक हो सकता है। दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इसराइल के दक्षिणी शहर ईलात को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे इसराइली डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया।
सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाले किंग फहद कॉजवे को अब दोबारा खोल दिया गया है, जिसे पहले सुरक्षा खतरों के चलते बंद कर दिया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी ईरान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जाहिर की है। इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका और इसराइल मिलकर ईरानी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है।




