ईरान के खोर्रमाबाद एयरपोर्ट पर बड़ा हवाई हमला, अमेरिका और इसराइल पर लगा आरोप, कई इलाकों में मची तबाही.
ईरान और मिडिल ईस्ट में तनाव अब चरम पर पहुंच गया है और युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। 7 अप्रैल 2026 को ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित खोर्रमाबाद एयरपोर्ट पर एक बड़ा हवाई हमला हुआ है। स्थानीय मीडिया और ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस हमले को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अंजाम दिया है। हालांकि एयरपोर्ट पर फिलहाल किसी की जान जाने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वहां भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है और अधिकारी मौके पर जांच कर रहे हैं।
हमले में कितना नुकसान हुआ और अधिकारियों ने क्या जानकारी दी?
ईरानी अधिकारियों और वहां की न्यूज एजेंसियों ने खोर्रमाबाद एयरपोर्ट पर हुए हमले की बात स्वीकार की है। लोरस्तान प्रांत के उप-राज्यपाल ने बताया है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है, लेकिन एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी दी है कि नागरिक ठिकानों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने भी कहा है कि उनके देश के नागरिक इस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।
ईरान के अन्य किन इलाकों में हुए हैं हमले और क्या है असर?
यह हमला केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहा बल्कि ईरान के कई अन्य प्रांतों में भी हवाई हमले दर्ज किए गए हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष ने अब और भी खतरनाक मोड़ ले लिया है।
- तेहरान, क़ोम और अल्बोर्ज़ प्रांत में भी कई जगहों को निशाना बनाया गया है।
- अल्बोर्ज़ प्रांत में हुए एक हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
- लोरस्तान के ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और फोन जैसी संचार व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है।
- ईरान ने जवाब में इजराइल और सऊदी अरब की तरफ मिसाइलें दागकर पलटवार किया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद से ही क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था।
- पूरे देश में परिवहन नेटवर्क और हवाई उड़ानों पर बुरा असर पड़ा है।
प्रवासियों और यात्रियों के लिए क्या है स्थिति?
ईरान और आसपास के देशों के बीच जारी इस तनाव से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी असर पड़ सकता है। विशेष रूप से जो लोग हवाई यात्रा करने वाले हैं, उन्हें रूट में बदलाव या फ्लाइट कैंसिल होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ईरान में आम नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय और अन्य विदेशी नागरिक इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि इससे तेल की कीमतों और सामान्य सप्लाई चेन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल स्थिति बहुत संवेदनशील बनी हुई है।




