Lulu Group का बड़ा फैसला, सैलरी में नहीं होगी कोई कटौती, युसुफअली बोले बैंक से लोन लेकर भी देंगे पूरा पैसा.
यूएई में रहने वाले प्रवासी कामगारों के लिए लुलु ग्रुप ने एक बहुत बड़ी राहत की खबर दी है। दुनिया भर में चल रही आर्थिक अनिश्चितता और तनाव के बीच Lulu Group के चेयरमैन युसुफअली एम.ए. ने साफ कर दिया है कि उनके किसी भी कर्मचारी की सैलरी नहीं काटी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि कर्मचारियों को हर महीने पूरी तनख्वाह समय पर मिलेगी और इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं की जाएगी। यह फैसला उन हजारों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए बड़ी राहत है जो लुलु ग्रुप के साथ काम कर रहे हैं।
सैलरी और नौकरी को लेकर क्या है कंपनी का वादा?
चेयरमैन युसुफअली एम.ए. ने मंगलवार 7 अप्रैल 2026 को घोषणा की है कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की भलाई कंपनी के लिए सबसे ऊपर है और उनके वेतन में एक पैसे की भी कटौती नहीं होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कंपनी के पास फंड की कमी हुई तो वे बैंक से कर्ज लेकर भी सैलरी का भुगतान करेंगे। इस कदम से न केवल कर्मचारियों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि बाजार में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
लुलु ग्रुप के फैसले की मुख्य बातें
लुलु ग्रुप ने साफ किया है कि वे मुश्किल समय में भी अपने लोगों के साथ खड़े हैं। कंपनी ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपना रुख स्पष्ट किया है जो इस प्रकार हैं:
- हर महीने पूरी सैलरी बिना किसी कटौती के खाते में आएगी।
- सैलरी भुगतान की तारीख में किसी भी तरह का बदलाव या देरी नहीं होगी।
- जरूरी सामान की सप्लाई और उनकी कीमतों को भी काबू में रखने पर फोकस रहेगा।
- कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
- डेन्यूब ग्रुप और बीएनडब्ल्यू डेवलपमेंट्स जैसी कंपनियों ने भी इसी तरह की सकारात्मक घोषणाएं की हैं।
प्रवासियों पर इस फैसले का क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों के लिए यह खबर किसी बड़ी खुशी से कम नहीं है। अक्सर आर्थिक मंदी के दौरान कंपनियों में छंटनी और सैलरी में कटौती का डर बना रहता है, लेकिन युसुफअली के इस बयान ने उस डर को खत्म कर दिया है। लुलु ग्रुप ने इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान भी अपने कर्मचारियों को इसी तरह का सहारा दिया था। कंपनी का कहना है कि उनकी प्रतिबद्धता के रास्ते में कोई भी आर्थिक बाधा नहीं आएगी और वे अपने स्टाफ की जिम्मेदारियों को समझते हैं।




