Trump की ईरान को बड़ी धमकी, बोले आज रात तक तबाह कर देंगे सभी पुल और पावर प्लांट, मचा हड़कंप
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा नहीं खोला, तो उसके सभी मुख्य पुलों और पावर प्लांट को तबाह कर दिया जाएगा। ट्रंप ने इस हमले के लिए मंगलवार रात 8 बजे का समय तय किया है। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में भारी तनाव देखा जा रहा है और पूरी दुनिया की नजरें अब इस घटनाक्रम पर टिकी हैं।
ट्रंप की धमकी और ईरान पर होने वाला संभावित असर
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा कि मंगलवार का दिन ईरान के लिए पावर प्लांट और ब्रिज डे होगा। उन्होंने दावा किया कि केवल चार घंटे के भीतर पूरे देश के बुनियादी ढांचे को खत्म किया जा सकता है। व्हाइट हाउस ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान गंभीरता से बातचीत नहीं करता, तो उसे वापस पुराने पत्थर युग में भेज दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना गलत नहीं मानते।
- ईरान ने ट्रंप की इन धमकियों को केवल एक भ्रम बताया और इसे खारिज किया है।
- स्थानीय अधिकारियों ने ईरानी युवाओं से पावर प्लांट की सुरक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है।
- संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि आम लोगों को नुकसान पहुंचाने वाले हमलों पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत रोक है।
ईरान के कौन से पुल हैं खतरे में और अब तक क्या हुआ
ईरान में पहले ही कुछ पुलों को निशाना बनाया जा चुका है जिससे जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। अब कई ऐतिहासिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पुलों पर हमले का खतरा मंडरा रहा है। इजरायली सेना ने भी ईरान के लोगों को ट्रेनों और रेलवे लाइनों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
| स्थान या पुल का नाम | वर्तमान स्थिति या महत्व |
|---|---|
| B1 ब्रिज (करज) | 2 अप्रैल को हुए हमले में नष्ट हो गया, 8 लोगों की मौत हुई। |
| रेलवे ब्रिज (काशान) | मंगलवार को हमला हुआ, जिसमें 2 की मौत और 3 घायल हुए। |
| सी-ओ-से पोल (इसफहान) | ऐतिहासिक 33 मेहराबों वाला पुल जो बेहद महत्वपूर्ण है। |
| लेक उर्मिया ब्रिज | इसके टूटने से बड़ी पर्यावरणीय आपदा आ सकती है। |
कानूनी जानकारों का कहना है कि नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। हार्वर्ड और येल जैसी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने भी इन धमकियों पर चिंता जताई है। फिलहाल ईरान ने किसी भी तरह के समझौते से इनकार किया है और अपना 10 सूत्रीय प्लान पेश किया है।




