ईरान ने इसराइल पर दागी मिसाइलें, रमत हशरोन में भारी तबाही, ट्रंप ने दिया हमले रोकने का अल्टीमेटम
ईरान और इसराइल के बीच चल रहा तनाव अब भीषण युद्ध की शक्ल लेता जा रहा है। मंगलवार 7 अप्रैल 2026 को ईरान ने इसराइल के कई बड़े शहरों पर भारी मिसाइल हमला किया है। अल जज़ीरा द्वारा जारी किए गए वीडियो में रमत हशरोन इलाके में मलबे का ढेर और पलटी हुई गाड़ियां साफ देखी जा सकती हैं। इस हमले के बाद अमेरिका ने भी ईरान को सख्त चेतावनी जारी कर दी है।
🗞️: Trump की ईरान को बड़ी धमकी, बोले आज रात तक तबाह कर देंगे सभी पुल और पावर प्लांट, मचा हड़कंप।
इसराइल के किन शहरों में हुआ मिसाइल हमला और क्या है स्थिति
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें इसराइल के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में गिरी हैं। रमत हशरोन में धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि वहां खड़ी गाड़ियां हवा में उछलकर पलट गईं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ईरान पर क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है जो आम लोगों के लिए बहुत खतरनाक माने जाते हैं।
- प्रभावित शहर: तेल अवीव, रमत हशरोन, बेनी ब्राक, रमत गन और रोश हयिन में मिसाइलें गिरीं।
- नुकसान: रिहायशी इमारतों और गाड़ियों को भारी क्षति पहुंची है।
- IDF की कार्रवाई: जवाबी कार्रवाई में इसराइली सेना ने तेहरान और शिराज में ईरान के मिसाइल ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की।
- सुरक्षा सायरन: पूरे इसराइल में मिसाइल हमले के दौरान सायरन बजते रहे और लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजा गया।
अमेरिका की चेतावनी और क्षेत्रीय तनाव पर ताजा अपडेट
इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए एक समय सीमा तय कर दी है। उन्होंने मंगलवार रात तक समझौता करने का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर बात नहीं मानी गई तो ईरान के बिजली घरों और पुलों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। वहीं ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि लाखों ईरानी देश की रक्षा के लिए तैयार हैं।
| महत्वपूर्ण घटना | ताजा स्थिति |
|---|---|
| ट्रंप का अल्टीमेटम | मंगलवार रात तक समझौता न होने पर बड़े हमले की चेतावनी |
| रूस की भूमिका | ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट से रूसी कर्मचारी मास्को लौटे |
| तुर्की में घटना | इस्तांबुल में इसराइली दूतावास के पास फायरिंग, एक हमलावर ढेर |
| ईरान का दावा | ईरान के पास मिसाइलों का बहुत बड़ा भंडार मौजूद है |
क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए रूस ने भी अपने नागरिकों को ईरान से निकालना शुरू कर दिया है। बुशहर परमाणु संयंत्र से करीब 175 कर्मचारियों को मास्को भेज दिया गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इससे हवाई यात्रा और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है।




