Saudi Space Agency: सऊदी अरब की महिलाओं ने NASA में लहराया परचम, किंगडम का पहला मौसम सैटेलाइट SHMS किया पेश.
सऊदी अरब ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। किंगडम की महिला वैज्ञानिकों की एक टीम ने अमेरिका में NASA के आर्टेमिस II प्रदर्शनी में हिस्सा लिया और वहां सऊदी अरब के पहले मौसम सैटेलाइट SHMS को दुनिया के सामने पेश किया। यह कदम सऊदी विजन 2030 के तहत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को मजबूत बना रहा है।
🚨: Saudi पर ईरान का हमला, 7 मिसाइलें और 18 ड्रोन दागे, पाकिस्तान ने हमले को बताया बेहद खतरनाक.।
क्या है SHMS मिशन और यह कैसे काम करेगा?
सऊदी अरब का SHMS सैटेलाइट देश का पहला ऐसा सैटेलाइट है जो खास तौर पर मौसम की निगरानी के लिए बनाया गया है। यह सैटेलाइट धरती के ऊपर 500 किलोमीटर से लेकर 70,000 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर चक्कर लगा रहा है। इसका मुख्य काम अंतरिक्ष के मौसम पर नजर रखना और सूरज से निकलने वाली किरणों और रेडिएशन का अध्ययन करना है।
- यह सैटेलाइट सूरज से निकलने वाली एक्स-रे किरणों की निगरानी करेगा
- धरती के चुंबकीय क्षेत्र पर होने वाले बदलावों को रिकॉर्ड करेगा
- हाई-एनर्जी सोलर पार्टिकल्स के बारे में डेटा इकट्ठा करेगा
- स्पेस रेडिएशन के खतरों को समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा
NASA के आर्टेमिस मिशन में सऊदी की भागीदारी के मुख्य बिंदु
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| प्रदर्शनी की तारीख | 6 अप्रैल 2026 |
| मिशन का नाम | Artemis II |
| सैटेलाइट का नाम | SHMS (Shams) |
| लॉन्च वाहन | Space Launch System (SLS) |
| सहयोग | NIDLP और सऊदी स्पेस एजेंसी |
सऊदी अरब इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाला पहला अरब देश बन गया है। इस सैटेलाइट को सऊदी के नेशनल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड लॉजिस्टिक्स प्रोग्राम की मदद से स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया है। इसका सफल लॉन्च अप्रैल 2026 की शुरुआत में किया गया था और अब इसकी कार्यक्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया गया है।
सऊदी महिलाओं की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती भूमिका
NASA में हुई इस प्रदर्शनी के दौरान सऊदी स्पेस एजेंसी की महिला टीम ने किंगडम के अंतरिक्ष मिशन के भविष्य के बारे में जानकारी साझा की। सऊदी स्पेस एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता देश में नई क्षमताओं को विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण खबर है क्योंकि यह क्षेत्र अब तेल के अलावा उच्च तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।




