ईरान ने खाड़ी देशों पर दागे 5,000 मिसाइल और ड्रोन, GCC चीफ और ऑस्ट्रिया के बीच हमलों को लेकर हुई बड़ी चर्चा.
खाड़ी देशों (Gulf Countries) में ईरान की ओर से लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया है। GCC के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने इस गंभीर मुद्दे पर ऑस्ट्रिया की संघीय मंत्री बीट मीन-रीसिंगर के साथ विस्तार से चर्चा की है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने के लिए यह बातचीत हुई है। हाल के दिनों में यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों के ऊर्जा प्लांट पर सीधे हमले हुए हैं।
ईरान के हमलों से अब तक कितना हुआ है नुकसान?
ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों ने खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे को काफी चोट पहुंचाई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में तेल और गैस सेक्टर के साथ-साथ पानी साफ करने वाले प्लांट को भी निशाना बनाया गया है। प्रवासियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार नुकसान इस प्रकार है:
- ईरान ने कुल 5,000 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन अब तक दागे हैं।
- इन हमलों में 27 लोगों की जान चली गई और 274 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
- यूएई के फुजैराह में टेलीकॉम बिल्डिंग और अबू धाबी के गैस प्लांट को नुकसान हुआ है।
- कतर के रास लफान प्लांट पर मिसाइल गिरने से गैस सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट पर असर पड़ा है।
इन प्रमुख ठिकानों पर ईरान ने किया सीधा हमला
ईरान के हमले अब पहले से ज्यादा सटीक और घातक होते जा रहे हैं, जो डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में भी कामयाब रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि तेल और गैस सेक्टर में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। नीचे दी गई टेबल में प्रमुख हमलों की जानकारी दी गई है:
| प्रभावित देश | नुकसान और स्थान |
|---|---|
| UAE (यूएई) | हबशान गैस कॉम्प्लेक्स में कामकाज बंद, फुजैराह में नुकसान |
| Qatar (कतर) | रास लफान LNG प्लांट में मिसाइल अटैक से भारी तबाही |
| Saudi Arabia (सऊदी) | पूर्वी हिस्से में एनर्जी फैसिलिटी के पास गिरी मिसाइलें |
| Kuwait (कुवैत) | पेट्रोकेमिकल और तेल सुविधाओं पर मिसाइलों की बौछार |
GCC प्रमुख ने साफ कहा है कि किसी भी एक खाड़ी देश पर हमला सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा। ऑस्ट्रिया की मंत्री ने भी ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने और समुद्र में जहाजों की सुरक्षा बहाल करने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र ने भी ईरान की इन हरकतों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।




