कुवैत पर ईरान का बड़ा हमला, 24 घंटे में 14 मिसाइल और 46 ड्रोन मार गिराए, तेल ठिकानों को हुआ भारी नुकसान.
कुवैत की एयर डिफेंस ने पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान की तरफ से आए कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही ढेर कर दिया है. कुवैत न्यूज़ एजेंसी KUNA के मुताबिक, 7 अप्रैल 2026 को खत्म हुए 24 घंटों में सेना ने बड़ी मुस्तैदी दिखाई है. ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रही जंग का असर अब कुवैत पर भी साफ़ दिखने लगा है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए चिंता बढ़ गई है.
पिछले 24 घंटों में क्या-क्या हुआ और कितनी मिसाइलें गिरीं?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल स्टाफ Saud Al Atwan ने बताया कि सोमवार 6 अप्रैल को 14 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 46 ड्रोनों को ट्रैक किया गया था. सेना ने अपनी तय प्रक्रिया के तहत इन सभी खतरों का सामना किया. इससे पहले रविवार 5 अप्रैल को भी कुवैत के आसमान में 9 बैलिस्टिक मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 31 ड्रोन मंडरा रहे थे जिन्हें इंटरसेप्ट किया गया था.
हमले में हुआ कितना नुकसान और क्या हैं आंकड़े?
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने जानकारी दी है कि ड्रोन हमलों की वजह से उनके तेल ठिकानों को काफी ज्यादा नुकसान पहुँचा है. इसके अलावा बिजली बनाने वाले और पानी साफ करने वाले दो बड़े प्लांट भी ड्रोन हमलों की चपेट में आ गए हैं. सरकार के कुछ दफ्तरों को भी काफी नुकसान हुआ है. हमलों का ब्योरा नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| तारीख (2026) | बैलिस्टिक मिसाइल | क्रूज मिसाइल | ड्रोन (UAV) |
|---|---|---|---|
| 6 अप्रैल | 14 | 2 | 46 |
| 5 अप्रैल | 9 | 4 | 31 |
घायलों की जानकारी और प्रवासियों पर असर
उत्तरी कुवैत के एक रिहायशी इलाके में सोमवार को हुए हमले में 6 लोग घायल हुए हैं. इसके साथ ही अली अल-सलेम एयरबेस (Ali Al-Salem airbase) पर देर रात हुए ईरानी ड्रोन हमले में 15 अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं. 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग में कुवैत अब तक कुल 1,000 से ज़्यादा मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है. कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति मुश्किल भरी है क्योंकि अब हमले रिहायशी इलाकों के करीब भी हो रहे हैं.




