अमेरिका ने ईरान के अंदर दागा आत्मघाती ड्रोन, खार्ग द्वीप पर किया हमला, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। 7 अप्रैल 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदरूनी इलाकों में हमला करने के लिए एक खास किस्म का आत्मघाती ड्रोन भेजा है। यह हमला मुख्य रूप से ईरान के खार्ग द्वीप पर बने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इस सैन्य हलचल से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है।
अमेरिका ने ईरान पर ड्रोन हमला क्यों किया और वहां के ताज़ा हालात क्या हैं?
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने साफ किया है कि उन्होंने ईरान के खार्ग द्वीप पर नए सिरे से हमले किए हैं। इन हमलों में केवल सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया गया है और तेल से जुड़ी सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया गया है। अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, इस ऑपरेशन में लुकास (LUCAS) नाम के नए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। दूसरी तरफ, ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत और यूएई की दिशा में बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। इस जवाबी हमले से खाड़ी देशों में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
इस संघर्ष से जुड़ी मुख्य बातें और अब तक का नुकसान
| विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 7 अप्रैल 2026 |
| मुख्य टारगेट | खार्ग द्वीप के सैन्य ठिकाने और रेलवे पुल |
| हताहतों की संख्या | ईरान में 18 नागरिक और इराक में 2 लोगों की मौत |
| ईरान का जवाब | कुवैत और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले |
| अमेरिकी हथियार | LUCAS अटैक ड्रोन का पहली बार बड़े स्तर पर इस्तेमाल |
| राजनीतिक बयान | जेडी वेंस ने युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई |
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस हमले के बाद कड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि किसी भी तरह के आक्रमण का करारा जवाब दिया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र ने भी नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमला न करने की चेतावनी दी है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय सुरक्षा अपडेट पर नज़र रखें क्योंकि युद्ध की स्थिति में उड़ानों और अन्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।




