Donald Trump की धमकी पर ईरान का पलटवार, दुनियाभर के दूतावासों ने सोशल मीडिया पर शुरू किया ट्रोलिंग अभियान
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब सोशल मीडिया पर एक जंग का रूप ले चुका है. Trump ने ईरान के पावर प्लांट और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने की धमकी दी थी, जिसके जवाब में ईरानी दूतावासों ने पूरी दुनिया में एक ट्रोलिंग अभियान चलाया है. इस अभियान के तहत दूतावासों ने सोशल मीडिया पर Trump की भाषा और उनके व्यवहार पर तंज कसे हैं. इस बीच हवाई हमलों की खबरें भी सामने आई हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की कोशिशें जारी हैं.
ईरान के दूतावासों ने दुनिया भर में किस तरह दिया जवाब?
ईरान के अलग-अलग देशों में मौजूद दूतावासों ने Trump के बयानों का कड़ा जवाब दिया है. भारत में ईरानी दूतावास ने Trump को खुद पर काबू रखने की सलाह दी और उन्हें हारने वाला बच्चा बताया. ऑस्ट्रिया में ईरानी दूतावास ने Trump की पोस्ट पर 18+ का ग्राफिक लगा दिया और कहा कि बच्चों को उनकी भाषा से दूर रखना चाहिए. दक्षिण अफ्रीका के दूतावास ने अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का जिक्र किया जिससे राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है.
| दूतावास का स्थान | दी गई प्रतिक्रिया |
|---|---|
| भारत | Trump को हारने वाला बच्चा और बूढ़ा व्यक्ति कहा |
| दक्षिण अफ्रीका | राष्ट्रपति को अनफिट बताकर पद से हटाने की सलाह दी |
| ऑस्ट्रिया | नागरिक ठिकानों पर हमले को युद्ध अपराध बताया |
| यूनाइटेड किंगडम | मार्क ट्वेन की कहावत के जरिए चुप रहने की सलाह दी |
| जिम्बाब्वे | मजाक में कहा कि होर्मुज की चाबियां खो गई हैं |
युद्ध के हालात और बीच-बचाव की ताज़ा स्थिति क्या है?
7 अप्रैल 2026 को आई रिपोर्टों के अनुसार ईरान में दो पुलों और एक रेलवे स्टेशन पर हवाई हमले हुए हैं. जवाब में अमेरिकी सेना ने भी खर्ग द्वीप पर ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने साफ कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है. इस विवाद को सुलझाने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थ लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि दोनों देशों के बीच तनाव को कम किया जा सके.
ईरान के अधिकारियों ने साफ किया है कि उन्हें अब Trump प्रशासन पर भरोसा नहीं है और वे भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी चाहते हैं. ईरान ने Strait of Hormuz को खोलने के बदले प्रतिबंधों में ढील देने की मांग रखी है. वहीं अमेरिका भी तेल क्षेत्र में कुछ ढील देने पर विचार कर रहा है. फिलहाल तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं और ईरानी नागरिक पावर प्लांट की सुरक्षा के लिए मानव श्रृंखला बना रहे हैं.




