अमेरिका और ईरान की जंग रोकने के लिए पाकिस्तान और मिस्र आए साथ, ट्रंप की डेडलाइन ने बढ़ाई चिंता.
मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है और अब इसे रोकने के लिए डिप्लोमेटिक कोशिशें तेज हो गई हैं. मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty और पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने 7 अप्रैल 2026 को इस मुद्दे पर अहम चर्चा की है. दोनों देश अमेरिका और ईरान के बीच किसी तरह का समझौता कराने की कोशिश में लगे हैं ताकि चल रही जंग को तुरंत रोका जा सके. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से दी गई डेडलाइन के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है.
मिस्र और पाकिस्तान की शांति वार्ता के मुख्य बिंदु
मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने इस बातचीत को बहुत संवेदनशील और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है. Badr Abdelatty ने जोर दिया कि बातचीत ही एक मात्र रास्ता है जिससे बड़ी तबाही को रोका जा सकता है. वहीं पाकिस्तान के Ishaq Dar ने कहा कि वे हालात को शांत करने के लिए लगातार संपर्क में बने रहेंगे. पाकिस्तान ने ट्रंप की डेडलाइन को दो हफ्ते आगे बढ़ाने का सुझाव भी दिया है जिस पर अमेरिका अभी विचार कर रहा है. इजरायल द्वारा ईरान पर की गई बमबारी ने इस बातचीत को और भी मुश्किल बना दिया है.
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का नया प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने शर्तें नहीं मानीं, तो स्थिति विनाशकारी हो सकती है. इसके जवाब में ईरान ने 45 दिनों के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अपना 10 सूत्रीय प्लान पेश किया है. ईरान की मांगों में प्रतिबंधों को हटाना और Strait of Hormuz के लिए नई व्यवस्था शामिल है. गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर अहम है क्योंकि युद्ध की स्थिति में तेल की कीमतों और उड़ानों पर सीधा असर पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र ने भी नागरिकों पर होने वाले हमलों को युद्ध अपराध बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है.
| मुख्य नेता | देश / संगठन | भूमिका |
|---|---|---|
| Badr Abdelatty | Egypt | Foreign Minister |
| Ishaq Dar | Pakistan | Foreign Minister |
| Donald Trump | USA | President |
| Abbas Araghchi | Iran | Foreign Minister |
| Antonio Guterres | UN | Secretary-General |




