सऊदी अरब के जुबैल प्लांट पर ईरान का मिसाइल हमला, बहरीन ने जताया कड़ा विरोध, किंग फहद कॉजवे हुआ बंद.
सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ईरान की तरफ से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। 7 अप्रैल 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाने का दावा किया है। इस हमले के तुरंत बाद बहरीन ने सऊदी अरब का समर्थन करते हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
सऊदी एयर डिफेंस ने हवा में मार गिराई मिसाइलें
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक जानकारी दी है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने हमले को नाकाम करने के लिए सक्रियता दिखाई। इस कार्रवाई के दौरान 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोन्स को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, मिसाइलों का मलबा ऊर्जा संयंत्रों के पास गिरने से पूर्वी प्रांत में आग लगने की खबरें मिली हैं। इस हमले की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ा है और ब्रेंट क्रूड का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और यात्रा पर पड़ा असर
इस हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं जिसका असर आम लोगों और प्रवासियों पर भी दिख रहा है।
- किंग फहद कॉजवे: सुरक्षा कारणों से सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
- GCC का बयान: खाड़ी सहयोग परिषद ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है और देशों की संप्रभुता की रक्षा की बात कही है।
- हवाई और समुद्री मार्ग: तनाव को देखते हुए परिवहन के रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
- प्रवासियों के लिए सलाह: खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय सरकारी सूचनाओं पर नज़र रखें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
ईरान की तरफ से दी गई चेतावनी
ईरान के IRGC ने बयान जारी कर कहा है कि यह हमला उनके अपने पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हुए हमलों का जवाब था। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके बुनियादी ढांचे को और निशाना बनाया गया, तो वे सऊदी अरब और यूएई के ऊर्जा ठिकानों पर फिर से हमला कर सकते हैं। वहीं कतर और फ्रांस जैसे देशों ने भी इस तरह के हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है।




