Iran-US Ceasefire: ट्रंप ने किया 2 हफ्ते के सीजफायर का ऐलान, शिया कमेटी ने ईरान की जीत पर दी बधाई.
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ दो हफ़्तों के लिए ‘डबल-साइडेड’ सीजफायर का बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से दिया गया 10 सूत्रीय प्रस्ताव काम करने लायक है और इसे आगे की बातचीत का आधार बनाया जा सकता है। इस खबर के बाद भारत में शिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष सैयद सैफ अब्बास नकवी ने ईरान को बधाई दी है और इसे ईरान की बड़ी जीत बताया है। ट्रंप के इस फैसले से दुनिया भर के देशों ने राहत की सांस ली है क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा था।
सीजफायर समझौते में क्या है खास?
ट्रंप ने जानकारी दी है कि अमेरिका ने अपने ज़्यादातर सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है, इसलिए अब शांति की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। इस समझौते के तहत अगले दो हफ़्तों तक दोनों तरफ से हमले नहीं होंगे। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इसे ऐतिहासिक जीत बताया है। अब दोनों देशों के बीच सीजफायर की शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत होगी।
प्रमुख नेताओं और संस्थाओं की प्रतिक्रिया
| नाम | प्रतिक्रिया और बयान |
|---|---|
| सैयद सैफ अब्बास नकवी | ईरान ने दुनिया में आतंक फैलाने वाले को रोक दिया है और अमेरिका का सुपरपावर होने का घमंड टूट गया है। |
| प्रियंका गांधी वाड्रा | ट्रंप के पुराने बयानों की निंदा की और कहा कि दुनिया पश्चिम से फैल रही नफरत को देख रही है। |
| एंथनी अल्बानीज़ | ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने हमले रोकने के फैसले का स्वागत किया और इसे तनाव कम करने वाला कदम बताया। |
| इजरायल सरकार | ट्रंप के फैसले का समर्थन किया लेकिन दक्षिण लेबनान में अपना अभियान जारी रखने की बात कही। |
| AISPLB | ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने ईरान को बधाई दी और कहा कि अमेरिका की हार हुई है। |
क्षेत्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था पर असर
पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री डार ने कहा कि पाकिस्तान ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु अधिकारों का समर्थन करता है और कूटनीति के पक्ष में है। दूसरी ओर, सौराष्ट्र-कच्छ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने चिंता जताई थी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर असर पड़ा है। इस सीजफायर से तेल और गैस की सप्लाई चेन में सुधार होने की उम्मीद है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह राहत भरी खबर है क्योंकि युद्ध की स्थिति में उनकी सुरक्षा और यात्रा पर खतरा बना हुआ था।




