ईरान के संसद स्पीकर का बड़ा बयान, बोले अब युद्धविराम और बातचीत का कोई मतलब नहीं, गिनाए 3 बड़े कारण.
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गलीबाफ़ ने 8 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में युद्धविराम और किसी भी तरह की बातचीत करना अब बेमानी हो गया है। गलीबाफ़ के अनुसार, पहले से तय किए गए समझौतों और नियमों का बार-बार उल्लंघन किया गया है, जिसके बाद अब डिप्लोमेसी का रास्ता कठिन नजर आ रहा है। यह बयान सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA द्वारा जारी किया गया है।
संसद स्पीकर ने किन उल्लंघनों का किया जिक्र?
मोहम्मद बागेर गलीबाफ़ ने तीन ऐसी मुख्य घटनाओं के बारे में बताया है जिन्हें वह समझौते का सीधा उल्लंघन मानते हैं। इन कारणों की वजह से ईरान अब बातचीत के मूड में नहीं है।
- लेबनान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई और हमला पहली बड़ी वजह है।
- ईरान की हवाई सीमा यानी एयरस्पेस का उल्लंघन किया जाना एक गंभीर मुद्दा है।
- ईरान के यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) के अधिकार को स्वीकार न करना और उसे रोकना।
- गलीबाफ़ का कहना है कि इन तीन गलतियों के बाद शांति वार्ता का आधार खत्म हो गया है।
इस बयान का क्षेत्रीय राजनीति पर क्या असर होगा?
ईरानी संसद के स्पीकर का यह बयान 8 अप्रैल 2026 को सामने आया है जो मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को और बढ़ा सकता है। जब किसी देश का बड़ा अधिकारी बातचीत को बेकार बता देता है, तो इसका मतलब है कि आने वाले समय में सैन्य गतिविधियों या कड़े फैसलों की गुंजाइश बढ़ जाती है। सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान अब अपनी शर्तों और संप्रभुता को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना रहा है। इस बयान के बाद खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।




