होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, ईरान ने समुद्री रास्ता बंद करने की दी धमकी, अमेरिका ने दावों को बताया गलत.
होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दुनिया भर में फिर से हलचल मच गई है। ईरान ने लेबनान पर इज़राइली हमलों का बदला लेने के लिए इस अहम समुद्री रास्ते को बंद करने का संकेत दिया है। जहाँ पहले रोज़ाना सैकड़ों जहाज़ गुज़रते थे, अब वहाँ सन्नाटा पसरा हुआ है और तनाव काफी बढ़ गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर चिंता का विषय है क्योंकि इससे व्यापार और सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
👉: केरल चुनाव: कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने किया दावा, 100 सीटों के साथ राज्य में बनेगी UDF की सरकार।
ईरान ने क्यों बंद किया होर्मुज़ जलडमरूमध्य और क्या है नया नियम?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का कहना है कि इज़राइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले करके सीज़फायर की शर्तों को तोड़ा है। इसी के जवाब में ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को रोक दिया है। ईरान की नौसेना ने साफ़ चेतावनी दी है कि जो जहाज़ उनके नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। अब जहाजों को इस रास्ते से गुज़रने के लिए ईरान से इजाज़त लेनी होगी और ट्रांजिट फीस देने की भी चर्चा चल रही है।
अमेरिका ने दावों को नकारा, क्या है ज़मीनी हकीकत?
दूसरी तरफ अमेरिका के व्हाइट हाउस ने इन खबरों को गलत बताया है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा है कि रास्ता बंद नहीं हुआ है बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप को उम्मीद है कि इसे तुरंत फिर से खोला जाएगा। हालांकि, स्वतंत्र रिपोर्ट बताती हैं कि बुधवार को केवल 11 जहाज़ ही वहां से गुज़रे, जबकि आम दिनों में यह संख्या 130 से ज़्यादा होती थी। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर समय रहते रास्ता नहीं खोला गया तो वे सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
जहाजों की आवाजाही और मौजूदा स्थिति का डेटा
इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण हज़ारों जहाज़ समुद्र के बीच फंसे हुए हैं। यहाँ दिए गए आंकड़ों से आप स्थिति को बेहतर समझ सकते हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सामान्य दिनों में ट्रैफिक | लगभग 130 से 150 जहाज़ रोज़ाना |
| बुधवार को गुज़रे जहाज़ | सिर्फ 11 जहाज़ |
| फंसे हुए जहाजों की संख्या | करीब 2,000 जहाज़ |
| ईरान का दावा | समुद्री रास्ता बंद और वैकल्पिक मार्ग की घोषणा |
| अमेरिका का रुख | रिपोर्ट्स झूठी और हमले की चेतावनी |
ईरान अब इस रास्ते पर अपना नियंत्रण और भी कड़ा करने की कोशिश कर रहा है। वहाँ की संसद में एक नया कानून लाने की तैयारी है जिससे जहाज़ों से टैक्स वसूला जा सके। दुबई, सऊदी और ओमान जैसे देशों के लिए यह रास्ता बेहद ज़रूरी है क्योंकि खाने-पीने की चीज़ों से लेकर तेल का व्यापार इसी रूट से होता है।





