ईरान ने पेश किया 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव, ट्रंप और पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत के लिए बनी सहमति.
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 10 सूत्रीय शांति योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह योजना क्षेत्रीय शांति के लिए ईरान की एक गंभीर कोशिश है। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी है। अब इस्लामाबाद में शुक्रवार से बड़ी शांति वार्ता शुरू होने जा रही है जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और विवादों को सुलझाने की कोशिश करेंगे।
ईरान के शांति प्रस्ताव की मुख्य बातें क्या हैं?
ईरान ने जो 10 सूत्रीय प्लान दिया है उसमें सबसे बड़ी शर्त लेबनान में युद्ध को रोकना है। राष्ट्रपति Pezeshkian ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron को बताया कि लेबनान में युद्धविराम उनके प्लान की एक जरूरी शर्त है। ईरान चाहता है कि खाड़ी क्षेत्र में शांति रहे और इसके लिए वह Strait of Hormuz से जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए भी तैयार है। इसके अलावा ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी माँग रखी है।
| क्रम | ईरान की मुख्य शर्तें |
|---|---|
| 1 | अमेरिका ईरान पर हमला न करने का वादा करे |
| 2 | ईरान पर लगे पुराने सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएँ |
| 3 | लेबनान और अन्य मोर्चों पर तुरंत युद्ध रोका जाए |
| 4 | ईरान को यूरेनियम समृद्ध करने का पूरा अधिकार मिले |
| 5 | खाड़ी क्षेत्र से अमेरिकी सेना की पूरी तरह वापसी हो |
| 6 | UN और IAEA के पुराने प्रस्तावों को रद्द किया जाए |
ट्रंप और ईरान के बीच किन बातों पर है विवाद?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को बातचीत की शुरुआत के लिए ठीक माना है लेकिन कुछ बातों पर असहमति जताई है। ट्रंप का कहना है कि वे लेबनान को इस समझौते का हिस्सा नहीं मानते और यूरेनियम समृद्ध करने की छूट भी नहीं देंगे। दूसरी तरफ ईरान के सांसदों का कहना है कि अगर इसराइल के हमले जारी रहे तो बातचीत करना मुमकिन नहीं होगा। पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक बड़े मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है और उसकी निगरानी में ही इस्लामाबाद में चर्चा होगी। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी पुख्ता किया है कि वे शांति के लिए तैयार हैं लेकिन उनकी शर्तों का सम्मान होना जरूरी है।




