इसराइल ने लेबनान में मचाई तबाही, 203 की मौत और 1000 से ज़्यादा घायल, देश में शोक घोषित.
लेबनान में बुधवार को हुए भीषण हवाई हमलों के बाद हालात बहुत खराब हो गए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन हमलों में अब तक 203 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 1,000 से अधिक लोग घायल हैं। लेबनान सरकार ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और पूरे देश में गुरुवार को शोक दिवस मनाने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय और सिविल डिफेंस की टीमें अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं और अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और नुकसान
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री Rakan Nassereddine ने गुरुवार सुबह हताहतों के नए आंकड़े जारी किए। उन्होंने बताया कि घायलों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पताल पूरी तरह भर चुके हैं और दवाइयों के साथ खून की कमी देखी जा रही है। हमले के बारे में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- इजरायली सेना (IDF) ने इसे ‘Operation Roaring Lion’ के तहत किया गया अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है।
- Beirut और दक्षिण लेबनान में 100 से अधिक ठिकानों पर बमबारी की गई।
- Hezbollah के नेता Naim Qassem के करीबी रिश्तेदार Ali Yusuf Harshi के मारे जाने का दावा किया गया है।
- लेबनान की सिविल डिफेंस टीम के अनुसार मरने वालों की संख्या और भी अधिक हो सकती है।
युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते पर इस हमले के बाद सवाल उठने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव António Guterres ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और चेतावनी दी है कि इससे क्षेत्रीय शांति को खतरा हो सकता है। पाकिस्तान इस युद्धविराम का मध्यस्थ था और उसका कहना है कि समझौते में लेबनान भी शामिल था, लेकिन इसराइल का मानना है कि यह केवल Hezbollah के खिलाफ उनकी अपनी कार्रवाई है। फ्रांस और यूरोपीय संघ ने भी इस हिंसा को तुरंत रोकने की मांग की है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।




