Britain Statement: होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आना-जाना होगा बिल्कुल मुफ्त, ब्रिटेन ने ईरान की टैक्स वसूली का किया विरोध.
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को लेकर ब्रिटेन ने अपना रुख साफ कर दिया है. ब्रिटेन सरकार का कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते से जहाजों का निकलना पूरी तरह से मुफ्त और बिना किसी फीस के होना चाहिए. ईरान की ओर से हाल ही में जहाजों पर लगाए गए टैक्स और वसूली के नियमों का ब्रिटेन और उसके साथी देशों ने कड़ा विरोध किया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है.
ईरान ने समुद्री रास्ते पर क्यों लगाया है टैक्स?
ईरान की संसद ने 9 अप्रैल 2026 को एक नया कानून पारित किया है जिसमें होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों से ट्रांजिट फीस वसूलने की बात कही गई है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) पहले से ही प्रति जहाज 20 लाख डॉलर तक की वसूली कर रही है. यह भुगतान मुख्य रूप से चीनी युआन या क्रिप्टोकरेंसी में मांगा जा रहा है, जिससे जहाजों के गुजरने की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधा आ रही है.
इस विवाद से जुड़े मुख्य तथ्य और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात कर इस रास्ते को सुरक्षित और मुफ्त रखने पर चर्चा की है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुसार, किसी भी देश को ऐसे रास्तों पर टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है.
| तारीख | प्रमुख घटना और बयान |
|---|---|
| 9 अप्रैल 2026 | ईरान ने टैंकरों से टैक्स वसूलने का नया कानून आधिकारिक तौर पर लागू किया. |
| 9 अप्रैल 2026 | फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने 15 देशों के साथ मिलकर सुरक्षा मिशन शुरू करने का ऐलान किया. |
| 8 अप्रैल 2026 | ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने जद्दा में सऊदी क्राउन प्रिंस से मुलाकात की. |
| 8 अप्रैल 2026 | यूरोपीय देशों और अमेरिका ने समुद्री स्वतंत्रता बनाए रखने का संयुक्त बयान जारी किया. |
| 1994 नियम | UNCLOS के तहत अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य से जहाजों को बिना रोक-टोक निकलने का हक है. |
| मार्च 2026 | ईरान ने अनौपचारिक रूप से जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की वसूली शुरू की थी. |
ब्रिटेन और अन्य देशों का क्या है अगला कदम?
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेटे कूपर ने ईरान से मांग की है कि वह जहाजों पर ड्रोन हमले और माइनिंग जैसी गतिविधियों को तुरंत बंद करे. फ्रांस के नेतृत्व में कई यूरोपीय देश अब एक ऐसी सुरक्षा व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं जिससे जहाजों को बिना किसी भुगतान के सुरक्षित निकाला जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान को पैसे वसूलने की अनुमति दी गई, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के लिए एक खतरनाक मिसाल बन जाएगी जिसे कोई भी देश स्वीकार नहीं करेगा.




