ईरान ने अमेरिका पर लगाया वादा तोड़ने का आरोप, लेबनान को लेकर छिड़ा विवाद, खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता.
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो हफ्तों का युद्धविराम शुरू होते ही खतरे में पड़ गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वाशिंगटन ने अपने वादे बहुत जल्दी तोड़ दिए हैं। सऊदी न्यूज़ के मुताबिक, यह विवाद लेबनान में जारी हमलों को लेकर शुरू हुआ है, जिससे खाड़ी क्षेत्र और समुद्री रास्तों पर संकट बढ़ सकता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि उसे अमेरिका पर अब बिल्कुल भरोसा नहीं है।
लेबनान और अमेरिका के बीच आखिर क्या है विवाद?
ईरान का कहना है कि युद्धविराम के समझौते में लेबनान में जारी जंग को रोकना भी शामिल था, लेकिन इसराइल ने वहां हमले जारी रखे हैं। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने लेबनान को लेकर अपनी शर्तें नहीं मानीं। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्होंने लेबनान को इस समझौते में शामिल करने का कोई वादा कभी नहीं किया था। अमेरिका का मानना है कि यह ईरान की अपनी गलतफहमी है, क्योंकि समझौता सिर्फ देशों के बीच सीधी जंग रोकने के लिए था।
समुद्री रास्ते और व्यापार पर क्या होगा इसका असर?
तनाव बढ़ने के बाद ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही रोकने के संकेत दिए हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों को समुद्री बारूदी सुरंगों के खतरे के कारण दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। यह रास्ता तेल की सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है और यहां कोई भी रुकावट खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर बुरा असर डाल सकती है।
- 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम का समझौता हुआ था।
- 11 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में शांति वार्ता के लिए मीटिंग होनी है।
- लेबनान में बुधवार को हुए हमलों में 180 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
- ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए मुआवजे और सुरक्षा की गारंटी मांगी है।
जंग और समझौते से जुड़ी जरूरी जानकारी
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच जंग की शुरुआत हुई थी |
| 8 अप्रैल 2026 | दो हफ्ते के लिए युद्ध रोकने का फैसला हुआ था |
| 9 अप्रैल 2026 | ईरान ने अमेरिका पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया |
| 11 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान में अगली बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन पहुंचेगा |




