Flight Ban Update: मिडिल ईस्ट की उड़ानों पर पाबंदी बढ़ी, 24 अप्रैल तक एयरलाइंस को इन रास्तों से बचने की सलाह.
यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र के लिए अपनी सुरक्षा एडवाइजरी को 24 अप्रैल 2026 तक आगे बढ़ाने का फैसला किया है। यह अपडेट 9 अप्रैल को जारी किया गया है जो पुराने निर्देशों की जगह लेगा। इलाके में चल रहे तनाव और मिसाइल खतरों को देखते हुए विमानों को इन रास्तों से दूर रहने को कहा गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इससे उड़ानों के समय और रूट में बदलाव हो सकता है।
किन देशों और हवाई रास्तों पर पड़ेगा इसका असर?
EASA की इस नई एडवाइजरी में खाड़ी और मिडिल ईस्ट के कई बड़े देशों के हवाई क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि यूरोपीय एयरलाइंस और अन्य अंतरराष्ट्रीय विमान इन देशों के ऊपर से उड़ान भरते समय काफी सावधानी बरतेंगे या रास्ता बदल देंगे।
- प्रभावित देश: ईरान, इजरायल, बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, यूएई और सऊदी अरब।
- सुरक्षा जोखिम: एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इलाके में क्रूज मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं जिससे नागरिक विमानों को खतरा हो सकता है।
- सऊदी और ओमान को छूट: सऊदी अरब और ओमान के दक्षिणी हिस्सों में कुछ खास रास्तों पर 32,000 फीट से ऊपर उड़ान भरने की अनुमति दी गई है।
- एयरलाइंस की स्थिति: एमिरेट्स, कतर एयरवेज, इतिहाद और एयर इंडिया जैसी कंपनियां पहले से ही हालातों पर नजर रख रही हैं और रूट बदल रही हैं।
यात्रियों और प्रवासियों के लिए मौजूदा स्थिति क्या है?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच कुछ देशों ने अपने हवाई रास्ते दोबारा खोलना शुरू कर दिए हैं लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अभी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं। नीचे दी गई तालिका से आप वर्तमान स्थिति समझ सकते हैं:
| देश | हवाई क्षेत्र की स्थिति |
|---|---|
| इराक और सीरिया | हवाई क्षेत्र खुल गया है लेकिन सावधानी बरतने की सलाह है |
| जॉर्डन | रात 6:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक उड़ानें बंद रहती हैं | संचालन सामान्य है लेकिन यूरोपीय विमानों को बचने की सलाह दी गई है |
| कतर | कतर एयरवेज ने अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा दी है |
| सऊदी अरब | जेद्दा के कुछ रूट सैन्य गतिविधियों के कारण अभी बंद हैं |
भारतीय प्रवासी जो अक्सर भारत और खाड़ी देशों के बीच सफर करते हैं उन्हें अपनी एयरलाइंस से संपर्क बनाए रखना चाहिए। रूट बदलने की वजह से उड़ानों में देरी हो सकती है या किराए में थोड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।




