Strait of Hormuz में ईरान ने जारी किया नया मैप, जहाजों के लिए बदले गए रास्ते, डेंजर जोन भी किया घोषित.
ईरान की IRGC ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के लिए एक नया समुद्री नक्शा जारी किया है। इस नक्शे में जहाजों के लिए पुराने रास्तों को बदलकर नए रास्तों की जानकारी दी गई है ताकि जहाज समुद्री सुरंगों यानी नेवल माइंस की चपेट में न आएं। नक्शे में एक खास हिस्से को ‘खतरे का क्षेत्र’ बताया गया है जहां जहाजों के जाने पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला इलाके में चल रहे तनाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जहाजों के लिए अब कौन से नए नियम होंगे लागू?
ईरान की IRGC ने स्पष्ट किया है कि समुद्र में बारूदी सुरंगों के खतरे को देखते हुए अब सभी जहाजों को नए रास्तों से ही गुजरना होगा। नए नियमों के मुताबिक ओमान के सागर से आने वाले जहाज अब उत्तर की ओर मुड़कर लारक द्वीप (Larak Island) के पास से होते हुए खाड़ी में दाखिल होंगे। वहीं खाड़ी से बाहर जाने वाले जहाजों को लारक द्वीप के दक्षिण की तरफ से होकर निकलना होगा। समुद्री दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी जहाजों को IRGC की टीम के साथ तालमेल बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इस नए समुद्री रास्ते से जुड़ी अहम जानकारियां
यह नया सुरक्षा चार्ट 9 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है। इससे ठीक एक दिन पहले ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच दो हफ्तों के लिए युद्ध विराम यानी सीजफायर पर समझौता हुआ था। सुरक्षा के नजरिए से उठाए गए इस कदम के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- पुराने और गहरे समुद्र वाले रास्तों को अब ‘डेंजर जोन’ माना जाएगा और वहां जाना मना है।
- जहाजों को अब ईरानी तट के पास बने नए कॉरिडोर से होकर ही अपना सफर तय करना होगा।
- ऐसी भी खबरें हैं कि ईरान इस नए रास्ते का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों से टोल फीस वसूल सकता है।
- सीजफायर के बाद शुरुआती 24 घंटों में इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही काफी कम देखी गई है।
- अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि समुद्र से बारूदी सुरंगों को हटाने का काम पूरा हुआ है या नहीं।
इस फैसले का सीधा असर उन जहाजों पर पड़ेगा जो खाड़ी देशों से तेल और अन्य सामान लेकर दुनिया भर में जाते हैं। भारतीय प्रवासियों और व्यापारियों के लिए भी यह खबर जरूरी है क्योंकि समुद्री व्यापार में देरी का असर सामान की कीमतों और सप्लाई पर पड़ सकता है।




