South Korea और Iran के बीच हुई फोन पर चर्चा, फंसे हुए 26 जहाजों को निकालने पर हुई बात
ईरान और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों के बीच हुई ताजा बातचीत ने समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय शांति की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. 9 अप्रैल 2026 को हुई इस फोन कॉल में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे दक्षिण कोरियाई जहाजों और मध्य पूर्व के ताजा हालातों पर विस्तार से चर्चा की गई. ईरान की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी IRNA ने इस हाई-प्रोफाइल बातचीत की पूरी जानकारी दुनिया के सामने रखी है.
दक्षिण कोरिया के 26 जहाज क्यों फंसे हैं?
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री Cho Hyun ने ईरान से आग्रह किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे उनके 26 जहाजों को तुरंत सुरक्षित रास्ता दिया जाए. ईरान की तरफ से की गई समुद्री नाकाबंदी की वजह से यह जहाज वहां काफी समय से अटके हुए थे. Cho Hyun ने कहा कि इस समुद्री रास्ते से जहाजों का बेरोकटोक निकलना व्यापार के लिए बहुत जरूरी है और साथ ही उन्होंने वहां मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा की मांग भी दोहराई है.
ईरान ने जहाजों को छोड़ने पर क्या जवाब दिया?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बातचीत के दौरान बताया कि अमेरिका के साथ हुए दो हफ्ते के सीजफायर के समय जहाजों की आवाजाही मुमकिन हो सकती है. उन्होंने साफ किया कि जहाजों को निकालने के लिए ईरानी सेना के साथ तालमेल बिठाना होगा और कुछ तकनीकी बातों का ध्यान रखना पड़ेगा. ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका और इसराइल अपने हमले पूरी तरह बंद कर देते हैं, तभी समुद्री रास्तों को सुरक्षित माना जा सकेगा.
आगे की क्या है तैयारी?
- दक्षिण कोरिया इस मामले को सुलझाने के लिए जल्द ही अपना एक विशेष दूत ईरान भेजेगा.
- ईरान ने दक्षिण कोरिया के इस कदम का स्वागत किया है और द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करने की सहमति दी है.
- दोनों नेताओं के बीच लेबनान में चल रहे संघर्ष को लेकर भी चर्चा हुई जिस पर अभी कुछ मतभेद बने हुए हैं.
- ईरान का मानना है कि लेबनान में शांति स्थापित करना मौजूदा सीजफायर समझौते का एक बड़ा हिस्सा है.




