रूस और ईरान के बीच बढ़ी सैन्य दोस्ती, ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने खुफिया जानकारी और ड्रोन ट्रेनिंग पर किया बड़ा खुलासा.
ब्रिटिश रक्षा मंत्री John Healey ने रूस और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तालमेल को लेकर दुनिया को आगाह किया है। 9 अप्रैल 2026 को दिए एक बयान में उन्होंने बताया कि रूस न केवल ईरान के साथ खुफिया जानकारियां साझा कर रहा है, बल्कि उसकी सेना को ड्रोन चलाने और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के गुर भी सिखा रहा है। इस खबर के बाद खाड़ी देशों और पश्चिमी देशों में हलचल तेज हो गई है क्योंकि यह दोनों देश एक-दूसरे की सैन्य ताकतों को मजबूत करने में लगे हैं।
ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने साझा की मुख्य जानकारियां
John Healey ने The Times अखबार से बातचीत में कई अहम बातें रखी हैं जो इस प्रकार हैं:
- रूस और ईरान के बीच खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान अब और भी गहरा हो गया है।
- रूसी सेना ईरान को ड्रोन तकनीक और उनके संचालन के लिए विशेष ट्रेनिंग दे रही है।
- ब्रिटिश सरकार का मानना है कि यह सहयोग अमेरिकी और इजरायली हमलों से पहले ही शुरू हो चुका था।
- रूस अब ईरान को इलेक्ट्रॉनिक युद्ध कौशल में भी माहिर बनाने में मदद कर रहा है।
इस सैन्य गठबंधन पर दुनिया और रूस की क्या प्रतिक्रिया है?
ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने इस गठबंधन को आक्रमण का अक्ष करार दिया है। उनका कहना है कि रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin का इसमें बड़ा हाथ हो सकता है। दूसरी तरफ, रूस के संगठन क्रेमलिन ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और इन्हें पूरी तरह झूठ बताया है। सऊदी अरब ने भी पहले ईरान के हमलों की निंदा की थी और उनके कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया था। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की मदद मिलने से ईरान की ड्रोन शक्ति बढ़ेगी जिससे क्षेत्र की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।




