Iran President Statement: ईरान ने कहा लेबनान को नहीं छोड़ेंगे अकेला, अमेरिका और इसराइल के साथ बढ़ी तनातनी.
मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान ने लेबनान को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि ईरान लेबनान के लोगों का साथ नहीं छोड़ेगा। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया सीजफायर समझौते में लेबनान को शामिल करने को लेकर विवाद चल रहा है। ईरान का यह रुख साफ करता है कि वह क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा है।
इस विवाद से जुड़ी कुछ अहम बातें जो आपको जाननी चाहिए
- ईरान के राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से फोन पर बात करते हुए कहा कि लेबनान में शांति उनके 10-सूत्रीय प्लान का मुख्य हिस्सा है।
- दूसरी तरफ अमेरिका और इसराइल का कहना है कि उनके बीच हुआ सीजफायर समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता।
- White House की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने 8 अप्रैल को स्पष्ट किया कि लेबनान इस समझौते के दायरे से बाहर है।
- Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उनके सैन्य अभियान जारी रहेंगे।
- लेबनान में पिछले 24 घंटों में हुए इसराइली हमलों में 180 से अधिक लोगों की मौत की खबर आई है।
लेबनान में मौजूदा हालात और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
लेबनान में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है क्योंकि वहां लगातार हवाई हमले हो रहे हैं। इन हमलों में न केवल आम लोग बल्कि पत्रकार भी अपनी जान गंवा रहे हैं। United Nations ने चेतावनी दी है कि इसराइल के ये हमले एक नाजुक शांति की कोशिश को खतरे में डाल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश चाहते हैं कि अमेरिका और ईरान का समझौता लेबनान तक भी बढ़ाया जाए ताकि वहां हो रही मौतों को रोका जा सके। फिलहाल हिजबुल्लाह ने भी इसराइल पर रॉकेट दागकर जवाबी कार्रवाई की है और तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।




