अमेरिका ने ईरान के खिलाफ रोके हमले, 2 हफ्तों का हुआ युद्ध विराम, 10 अप्रैल को होगी बड़ी बैठक.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भारी जंग के बीच एक बड़ा फैसला लिया गया है. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर ईरान के खिलाफ अपने हमलों को रोक दिया है. यह फैसला दोनों देशों के बीच हुए युद्ध विराम के समझौते के बाद लिया गया है. यह समझौता 8 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है और फिलहाल दो हफ्तों के लिए प्रभावी रहेगा. इस बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आगे की बातचीत के लिए दोनों पक्ष 10 अप्रैल को मिलने वाले हैं.
समझौते की मुख्य बातें और जरूरी जानकारी
इस युद्ध विराम को लेकर कुछ जरूरी तारीखें और शर्तें तय की गई हैं, जिन्हें जानना जरूरी है. अमेरिका का कहना है कि उसने अपने सैन्य लक्ष्य पूरे कर लिए हैं, जबकि ईरान ने कुछ प्रमुख मांगे रखी हैं.
- समय सीमा: यह समझौता 8 अप्रैल से शुरू हुआ है और 14 दिनों तक चलेगा.
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान इस समुद्री रास्ते को तुरंत और पूरी तरह से खोलने पर सहमत हो गया है.
- अगली बैठक: 10 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में बातचीत होगी.
- सैन्य स्थिति: अमेरिका ने कहा है कि उसकी और इसराइल की सेना ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया है.
युद्ध विराम से जुड़े कुछ अहम सवाल और ताजा स्थिति
भले ही युद्ध विराम लागू हो गया है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि यह केवल एक अस्थायी रोक है, कोई स्थाई शांति समझौता नहीं है. अगर आदेश मिलते हैं, तो अमेरिकी सेना दोबारा हमले शुरू कर सकती है.
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र |
| ईरान की मांग | संपत्ति की बहाली और पाबंदियां हटाना |
| विवादित मुद्दा | लेबनान में युद्ध विराम लागू होगा या नहीं |
| ताजा घटना | सऊदी अरब ने हाल ही में 9 ईरानी ड्रोन मार गिराए |
ईरान का कहना है कि अगर इसराइल और अमेरिका के हमले रुकते हैं, तो वह भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देगा. वहीं दूसरी तरफ, लेबनान को इस समझौते में शामिल करने को लेकर मतभेद हैं. पाकिस्तान और ईरान का मानना है कि यह लेबनान पर भी लागू है, लेकिन इसराइल और डोनाल्ड ट्रम्प ने इससे इनकार किया है. सऊदी अरब ने समझौते के बावजूद अपनी सीमा की ओर आ रहे ड्रोन को नष्ट कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं.




