Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही शुरू, ईरान ने जारी की नई गाइडलाइन, 24 घंटे में निकले 6 बड़े जहाज.
Strait of Hormuz में जारी तनाव के बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान इस समुद्री रास्ते से 5 ड्राई बल्क कैरियर और 1 ऑयल टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया युद्धविराम के बाद यह एक बड़ी हलचल मानी जा रही है। हालांकि समुद्र में बिछी माइंस के खतरे को देखते हुए ईरान ने अब जहाजों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू कर दिए हैं।
जहाजों के गुजरने के लिए ईरान के नए नियम क्या हैं?
ईरान के उप विदेश मंत्री ने बयान दिया है कि Strait of Hormuz का रास्ता सभी नागरिक जहाजों के लिए खुला है। लेकिन युद्ध की वजह से समुद्र में मौजूद माइंस के खतरे को देखते हुए अब सभी जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ संपर्क करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के मार्गदर्शन में ही जहाजों को सुरक्षित रास्तों से निकाला जाएगा।
- ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने वाले जहाजों को ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।
- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहाजों को वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल का निर्देश दिया है।
- ओमान के साथ मिलकर पुराने ट्रैफिक सेपेरेशन स्कीम (TSS) को फिर से सक्रिय किया जा रहा है ताकि टक्कर से बचा जा सके।
- चीन की कोस्को कंपनी से जुड़े कुछ जहाजों को हाल ही में रोका गया है जिससे पता चलता है कि चेकिंग बहुत कड़ी है।
भारत और अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर क्या असर पड़ा है?
इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की संख्या पहले के मुकाबले काफी कम है और अब भी करीब 800 जहाज फंसे हुए हैं। भारत के लिए राहत की बात यह है कि ‘Green Asha’ नाम का एक भारतीय LPG जहाज सफलतापूर्वक इस रास्ते को पार कर मुंबई पहुंच गया है। ईरान अब देशों को उनके संबंधों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर टैक्स और सुरक्षा नियम लागू करने की योजना बना रहा है।
| मुख्य देश | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| भारत | LPG जहाज सुरक्षित पहुंचा, सीधी बातचीत जारी |
| चीन | कोस्को जहाजों को आवाजाही में दिक्कत आई |
| अमेरिका | दो हफ्ते का युद्धविराम लागू, स्थिति नाजुक |
| ओमान | नए वैकल्पिक रास्तों में सहयोग कर रहा है |
| ईरान | पूरे समुद्री रास्ते पर कड़ी निगरानी और कंट्रोल |
ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम फिलहाल काफी नाजुक स्थिति में है। लेबनान में जारी हमलों की वजह से इस समझौते पर खतरा बना हुआ है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि जब तक Strait of Hormuz खुला रहेगा तब तक ही युद्धविराम जारी रहेगा। दुनिया भर के तेल बाजारों की नजर इस रास्ते पर टिकी है क्योंकि यहां रुकावट आने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।




